परासी से ब्लड जांच केंद्र हटाने पर भड़के ग्रामीण
पूर्व सरपंच वीरेंद्र सिंह ने दी आंदोलन की चेतावनी, कहा- जनहित से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
अनूपपुर।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परासी से सेंट्रल ब्लड जांच केंद्र को फुनगा स्थानांतरित किए जाने की खबर सामने आने के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। जमुना-भालूमाड़ा सहित आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों ने इस निर्णय का विरोध करते हुए इसे जनहित के खिलाफ बताया है। लोगों का कहना है कि यदि ब्लड जांच केंद्र को परासी से हटाया गया तो क्षेत्र के मरीजों को समय पर जांच सुविधा नहीं मिल पाएगी और गंभीर स्थिति में उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी।
ग्रामीणों के अनुसार परासी क्षेत्र में बड़ी संख्या में गरीब एवं ग्रामीण परिवार निवास करते हैं, जो स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर हैं। ऐसे में ब्लड जांच केंद्र हटने से मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों एवं जरूरतमंद लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। लोगों का कहना है कि पहले से ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है और अब जांच केंद्र स्थानांतरित किए जाने से स्थिति और गंभीर हो जाएगी।
इस मुद्दे को लेकर ग्राम पंचायत परासी के पूर्व सरपंच ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का यह फैसला पूरी तरह जनविरोधी है और इससे हजारों ग्रामीण प्रभावित होंगे। वीरेंद्र सिंह ने कहा कि ग्रामीणों की सुविधा और स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर लिया गया यह निर्णय किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पूर्व सरपंच वीरेंद्र सिंह ने कलेक्टर से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि यदि ब्लड जांच केंद्र का स्थानांतरण नहीं रोका गया तो क्षेत्र के ग्रामीण आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जनआक्रोश बढ़ने की स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए ब्लड जांच केंद्र को परासी में ही संचालित रखा जाए ताकि लोगों को पहले की तरह स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलता रहे। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में चर्चा और नाराजगी का माहौल बना हुआ है।





































