सेंदुरी में दंतैल हाथी का आतंक, चार मवेशियों को पटक-पटक कर मार डाला

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एक बैल गंभीर घायल, ग्रामीणों ने हाथी को रेस्क्यू कर जिले से बाहर भेजने की उठाई मांग

 

रिपोर्टर : शशिधर अग्रवाल, कोयलांचल समाचार

 

अनूपपुर। जिला मुख्यालय से महज कुछ किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत सेंदुरी एवं आसपास के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों एक आक्रोशित दंतैल हाथी का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार और शुक्रवार की मध्य रात्रि हाथी ने सेंदुरी गांव में जमकर उत्पात मचाते हुए चार पालतू मवेशियों को हमला कर मौत के घाट उतार दिया, जबकि एक बैल गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल मवेशी की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है तथा ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से हाथी को तत्काल रेस्क्यू कर जिले से बाहर भेजने की मांग की है।

 

जानकारी के अनुसार पिछले आठ दिनों से सोनमौहरी वन बीट के जंगलों में यह दंतैल हाथी डेरा जमाए हुए है। दिन के समय जंगल में विश्राम करने के बाद रात होते ही हाथी भोजन की तलाश में सेंदुरी, सोनमौहरी, अमगवां, छुलहा और आसपास के गांवों में पहुंचकर खेतों एवं घरों में नुकसान पहुंचा रहा है। हाथी द्वारा कई घरों में तोड़फोड़ करने और फसलों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

 

गुरुवार रात हाथी सोनमौहरी के जंगल से निकलकर खिरनानाला के पास पहुंचा, जहां उसने सेंदुरी गांव के ग्रामीणों के मवेशियों पर हमला कर दिया। हाथी ने दुआरे पिता केमला चौधरी की गाभिन गाय, धनीराम चौधरी की गाय एवं बैल तथा डेमसाय चर्मकार के बैल को गंभीर रूप से घायल कर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद हाथी छुलहा रेलवे अंडरब्रिज के पास खेत में बने मकान तक पहुंच गया, जहां वंशगोपाल राठौर परिवार सहित सो रहे थे। हाथी को देखकर परिवार के लोग जान बचाकर भागे। हाथी ने वहां बंधे बैल पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।

 

घटना की जानकारी मिलने पर वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर पशु चिकित्सा विभाग को सूचना दी, जिसके बाद पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी रूप सिंह धुर्वे द्वारा घायल बैल का उपचार कराया गया। हालांकि शुक्रवार शाम तक उसकी हालत गंभीर बनी रही।

 

ग्रामीणों का कहना है कि यह हाथी अत्यंत आक्रामक हो चुका है। जब भी ग्रामीण उसे गांव से भगाने का प्रयास करते हैं, वह लोगों की ओर दौड़कर हमला करने की कोशिश करता है। बताया जा रहा है कि यह वही हाथी है जिसने पिछले 20 दिनों के भीतर छत्तीसगढ़ और अनूपपुर वन क्षेत्र में तीन लोगों की जान ले ली है तथा कई लोगों को घायल भी किया है।

 

वन विभाग के अनुसार यह हाथी छत्तीसगढ़ के कटघोड़ा वन मंडल से भटककर लगभग 24 दिन पहले अनूपपुर जिले में प्रवेश कर गया था और तब से लगातार विचरण कर रहा है। हाथी की गतिविधियों से अनूपपुर-जैतहरी मार्ग सहित कई गांवों में भय का माहौल बना हुआ है।

 

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द इस खतरनाक हाथी को रेस्क्यू कर क्षेत्र से बाहर नहीं किया गया तो वे व्यापक जन आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार नुकसान और खतरे के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।

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