- किसानों-मजदूरों की समस्याओं को लेकर निर्णायक संघर्ष का ऐलान, मुआवजा एवं मजदूरों के अधिकारों की उठी जोरदार मांग
कुसुमहाई (अनूपपुर)। लूट, शोषण, अन्याय एवं मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आगामी 5 नवंबर को जैतहरी में आयोजित होने वाले आंदोलन की तैयारी को लेकर ग्राम कुसुमहाई में बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में किसानों एवं मजदूरों से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया गया।
बैठक में जंगली हाथियों एवं अन्य वन्यजीवों द्वारा किसानों की जान-माल तथा फसलों को पहुंचाए जा रहे नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने मांग की कि वन्यजीवों के हमलों से होने वाली जनहानि, संपत्ति एवं फसल नुकसान का शत-प्रतिशत मुआवजा पीड़ितों को दिया जाए। साथ ही मुआवजा वितरण की प्रक्रिया राजस्व विभाग के बजाय वन विभाग के माध्यम से कराए जाने पर जोर दिया गया, ताकि पीड़ित किसानों को समय पर राहत मिल सके।
बैठक को संबोधित करते हुए संयुक्त ठेकेदारी मजदूर यूनियन सीटू के अध्यक्ष कामरेड जुगुल किशोर राठौर ने किसानों एवं मजदूरों की समस्याओं पर निर्णायक लड़ाई लड़ने की अपील की। उन्होंने मोजर बेयर पावर प्लांट जैतहरी प्रबंधन द्वारा वेतन एवं अन्य सुविधाएं देने के मामले में स्थानीय मजदूरों और प्रदेश के बाहर से आए मजदूरों के बीच किए जा रहे कथित भेदभाव को समाप्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि समान काम करने वाले सभी मजदूरों को समान वेतन एवं सुविधाएं मिलनी चाहिए तथा मजदूरों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में जी राम जी योजना के अंतर्गत कार्य करने वाले श्रमिकों को समय पर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि श्रमिकों से काम लेने के बाद उन्हें समय पर मजदूरी नहीं मिलना उनके आर्थिक शोषण का गंभीर विषय है। सरकार एवं संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए।
सभा को मध्यप्रदेश किसान सभा जिला समिति अनूपपुर के महासचिव कामरेड ओमप्रकाश राठौर, कामरेड रामाधार सिंह राठौर एवं कामरेड विकास राठौर ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने किसानों और मजदूरों की एकजुटता को मजबूत करते हुए 5 नवंबर के आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।
बैठक में उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि किसानों, मजदूरों एवं आम जनता के अधिकारों की लड़ाई को संगठित एवं निर्णायक रूप से आगे बढ़ाया जाएगा तथा 5 नवंबर को जैतहरी में होने वाले आंदोलन को सफल बनाया जाएगा।







































































