वर्षा पूर्व आपदा प्रबंधन हेतु बचाव एवं राहत का किया जाए समुचित उपाय-कलेक्टर

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बाढ़ संभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन कर त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करें अधिकारी-कलेक्टर

 

कलेक्टर के अध्यक्षता में वर्षाकाल पूर्व तैयारियों के संबंध में आपदा प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित

 

अनूपपुर 04 जून 2026/आगामी मानसून काल के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराव की विशेष उपस्थिति में आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में जिला आपदा प्रबंधन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्षा ऋतु के दौरान संभावित आपदाओं का समय रहते सटीक आकलन करें तथा बचाव एवं राहत के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों का शीघ्र चिन्हांकन कर आपदा की स्थिति में त्वरित राहत कार्य शुरू करना तथा जनहानि को रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

 

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के सभी संवेदनशील और संभावित दुर्घटना क्षेत्रों को चिन्हित सूजी तैयार किया जाए, ताकि आपातकाल में राहत दल बिना समय गंवाए सीधे मौके पर पहुंच सके। इसके साथ ही निर्माण विभाग के अधिकारियों को वर्षा से पूर्व जिले के सभी बांधों, डैमों, पुल-पुलियाओं और रफ्टों का बारीकी से निरीक्षण करने की हिदायत दी गई। कलेक्टर ने कहा कि भारी बारिश के दौरान जिन स्थानों पर पानी पुल के ऊपर से बहता है, वहां दोनों ओर तत्काल कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर आवागमन रोका जाए। इसके अलावा, आपातकालीन परिस्थितियों में सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए सक्रिय किए जा रहे जिला कंट्रोल रूम में थाना प्रभारी, सीएमओ, पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सहायकों सहित सभी मैदानी अमले के संपर्क नंबर अपडेट रखे जाएंगे ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल समन्वय स्थापित किया जा सके।

 

वर्षाकाल के दौरान जनस्वास्थ्य, जलभराव और सुरक्षा को लेकर भी बैठक में व्यापक कार्ययोजना बनाई गई। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि डायरिया, डेंगू, मलेरिया जैसी जलजनित व मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावी रूप से दवा व रसायनों का छिड़काव, औषधि वितरण और जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। साथ ही, शहरी क्षेत्रों में जलजमाव को रोकने के लिए उचित निकासी व्यवस्था, सड़कों का पैचवर्क कार्य प्राथमिकता से कराने, नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता बेहतर करने तथा तालाब व जलाशयों में चेतावनी बोर्ड लगाने पर बल दिया गया। जनसुरक्षा के मद्देनजर, जिले के सभी जर्जर व खतरनाक भवनों को चिन्हित कर उनके स्वामियों को समय पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भारी बारिश में किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके।

 

ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्री पंचोली ने स्वास्थ्य विभाग को सर्पदंश से बचाव और आवश्यक सावधानियों के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्पदंश की घटनाओं की रोकथाम एवं समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला चिकित्सालय में आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं, एंटी-स्नेक वेनम (Anti-Snake Venom) और चिकित्सकों की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी गई।

 

बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराव ने भी लोक निर्माण विभाग तथा सड़क एवं पुल निर्माण से जुड़े अधिकारियों को वर्षा ऋतु के दौरान आवश्यक संसाधनों, प्रकाश व्यवस्था एवं पर्याप्त कर्मचारियों की मुस्तैदी पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या जलभराव की समस्या उत्पन्न होने पर संबंधित विभाग तत्काल पुलिस प्रशासन से समन्वय स्थापित करें, ताकि समय रहते त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा सके और यातायात व्यवस्था व जनसुरक्षा प्रभावित न हो।

 

बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ श्री वसीम अहमद भट्ट, डिप्टी कलेक्टर श्री कमलेश पुरी, तहसीलदार भू संसाधन एवं प्रबंधन श्री प्रदीप कुमार मोगरे सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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