खेतों से खदान और स्कूलों से बैंकों तक पहुंची रामनगर पुलिस, ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ अभियान से हजारों लोगों को किया जागरूक
थाना प्रभारी सुमित कौशिक के नेतृत्व में लगातार चल रहा जन-जागरण अभियान, अवैध मादक पदार्थों की सूचना देने की अपील
रामनगर। मध्यप्रदेश शासन एवं पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर प्रदेशभर में संचालित “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के तहत रामनगर पुलिस लगातार जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है। थाना प्रभारी सुमित कौशिक के नेतृत्व में पुलिस टीम गांव-गांव पहुंचकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत करा रही है और समाज को नशामुक्त बनाने का संदेश दे रही है।
अभियान के अंतर्गत रामनगर पुलिस केवल सार्वजनिक स्थलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि खेतों में धान की रोपाई कर रहे किसानों, कोयला खदानों में कार्यरत श्रमिकों, विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, बैंक कर्मचारियों, ग्राहकों तथा आम नागरिकों के बीच पहुंचकर संवाद स्थापित कर रही है। पुलिस अधिकारी लोगों को समझा रहे हैं कि नशा व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने के साथ-साथ उसके परिवार, सामाजिक जीवन और भविष्य को भी गंभीर नुकसान पहुंचाता है।
जागरूकता कार्यक्रमों में पुलिस टीम नागरिकों से नशे से दूर रहने का संकल्प दिला रही है। साथ ही युवाओं को मादक पदार्थों की लत से बचाने, परिवार के सदस्यों को जागरूक करने तथा समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने की अपील भी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
अभियान के दौरान नागरिकों से यह भी आग्रह किया जा रहा है कि यदि कहीं अवैध मादक पदार्थों का निर्माण, बिक्री, तस्करी अथवा सेवन होता दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
थाना प्रभारी सुमित कौशिक ने कहा कि रामनगर पुलिस का उद्देश्य केवल कानून का पालन कराना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाकर युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोकना भी है। इसके लिए लगातार विभिन्न गांवों, विद्यालयों, औद्योगिक क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों पर जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पुलिस का लक्ष्य क्षेत्र के प्रत्येक गांव, प्रत्येक विद्यालय, प्रत्येक कार्यस्थल और प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर नशे के विरुद्ध जन-जागरण करना है, ताकि जनसहभागिता के माध्यम से “नशामुक्त मध्यप्रदेश” के संकल्प को साकार किया जा सके।
रामनगर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं नशे से दूर रहें, अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें तथा स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। पुलिस का मानना है कि जनसहयोग और सामूहिक प्रयासों से ही नशे जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

















