विश्व पर्यावरण दिवस पर एसईसीएल ने दिया हरित भविष्य का संदेश

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विश्व पर्यावरण दिवस पर एसईसीएल ने दिया हरित भविष्य का संदेश

“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत हुआ पौधरोपण, ‘पर्यावरण दर्पण’ पत्रिका का विमोचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रतियोगिताओं ने बढ़ाई जागरूकता

बिलासपुर। दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) मुख्यालय, बिलासपुर में शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस उत्साह, जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और सतत खनन के प्रति एसईसीएल की प्रतिबद्धता को विभिन्न गतिविधियों के जरिए प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन द्वारा पर्यावरण ध्वज फहराकर किया गया। इस अवसर पर निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास, मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री हिमांशु जैन, निदेशक (तकनीकी/योजना एवं परियोजना) श्री रमेश चन्द्र महापात्र, श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती शशि दुहन सहित उपाध्यक्षगण, विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के तहत नेहरू शताब्दी नगर कॉलोनी में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत फलदार एवं औषधीय पौधों का पौधरोपण किया गया। अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन के नेतृत्व में सभी निदेशकों, अधिकारियों तथा श्रद्धा महिला मंडल की सदस्याओं ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान सभी ने स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण के निर्माण का संकल्प दोहराया।

समारोह का एक प्रमुख आकर्षण एसईसीएल की वार्षिक पर्यावरण पत्रिका “पर्यावरण दर्पण” का विमोचन रहा। इसके साथ ही एसईसीएल की पर्यावरणीय उपलब्धियों, हरित परियोजनाओं एवं सतत खनन गतिविधियों पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा।

अपने संबोधन में अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन ने कहा कि एसईसीएल देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ पर्यावरणीय दायित्वों के निर्वहन के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कर्मचारियों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। शपथ के माध्यम से जल संरक्षण, वृक्षारोपण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया गया।

निदेशक (तकनीकी/योजना एवं परियोजना) श्री रमेश चन्द्र महापात्र ने कहा कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एसईसीएल पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए जिम्मेदार एवं सतत खनन के लिए निरंतर प्रयासरत है।

कार्यक्रम के आरंभिक सत्र में डीएवी विद्यालय के विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित स्वागत गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह को प्रकृति संरक्षण का प्रेरक संदेश दिया। वहीं कुसमुंडा एवं हसदेव क्षेत्र की टीमों द्वारा पर्यावरण संरक्षण विषय पर प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने लोगों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और खूब सराहना बटोरी।

महाप्रबंधक (पर्यावरण) श्री बी. राणा प्रताप ने स्वागत भाषण में विश्व पर्यावरण दिवस की थीम तथा एसईसीएल द्वारा पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और हरित विकास के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम में कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष का पर्यावरण दिवस संदेश भी पढ़कर सुनाया गया।

इस अवसर पर मुख्यालय स्तर पर आयोजित निबंध, चित्रकला, तत्क्षण भाषण प्रतियोगिता एवं कवि सम्मेलन के विजेताओं और प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री शेख जाकिर हुसैन, मुख्य प्रबंधक (पर्यावरण) ने किया तथा अंत में डॉ. एम.एस. प्रियंका ने आभार व्यक्त किया।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस समारोह ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ हरित एवं सतत विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।

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