विश्व पर्यावरण दिवस पर एनसीएल जयंत की पहल
पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित, छात्रों व कर्मचारियों को किया जागरूक
सिंगरौली। भारत सरकार की मिनीरत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के उपलक्ष्य में आयोजित ‘पर्यावरण सप्ताह’ के अंतर्गत जयंत परियोजना में “पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास” विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश देना तथा सतत विकास की अवधारणा को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना था।
कार्यशाला में जयंत परियोजना के महाप्रबंधक श्री दीपक सक्सेना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दायित्व नहीं बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने बताया कि एनसीएल खनन गतिविधियों के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए लगातार कार्य कर रही है। कंपनी द्वारा वृक्षारोपण, जल संरक्षण, हरित ऊर्जा के उपयोग तथा प्रदूषण नियंत्रण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सतत विकास का मूल उद्देश्य आर्थिक प्रगति और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना है। यदि प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग किया जाए तो विकास और पर्यावरण दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ा जा सकता है।
कार्यशाला के दौरान पर्यावरण विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन, वायु एवं जल प्रदूषण नियंत्रण, जैव विविधता संरक्षण, हरित ऊर्जा के महत्व तथा खनन क्षेत्र में पर्यावरण प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि बढ़ते औद्योगीकरण और शहरीकरण के दौर में पर्यावरणीय चुनौतियां तेजी से बढ़ रही हैं, जिनसे निपटने के लिए जनभागीदारी और जागरूकता बेहद आवश्यक है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने, ऊर्जा बचत तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े सकारात्मक परिणाम ला सकते हैं।
इस अवसर पर महाप्रबंधक (पर्यावरण) श्री राकेश कुमार, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीसीबी) सिंगरौली के कार्यपालन मंत्री श्री शिवम रमन सहित एनसीएल मुख्यालय एवं जयंत परियोजना के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा सीएमपीडीआईएल, जयंत के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भी सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति सामूहिक संकल्प लिया गया। उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण के संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन तथा स्वच्छ एवं हरित भविष्य के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प दोहराया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यशाला पर्यावरणीय चेतना को मजबूत करने और समाज को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।






































