एमसीबी/मनेन्द्रगढ़। जिले के युवाओं के लिये चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। छत्तीसगढ़ शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ के भवन निर्माण के लिये 868.35 लाख रुपयों की स्वीकृति प्रदान की है। इस राशि से महाविद्यालय के लिये आधुनिक सुविधाओं से युक्त भवन का निर्माण किया जायेगा जिससे क्षेत्र में नर्सिंग शिक्षा को नई दिशा मिलेगी।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस स्वीकृति पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिये लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग क्षेत्र आज रोजगार और सेवा दोनों दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा इस महाविद्यालय के विकसित होने से जिले और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने घर के निकट ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
स्वास्थ्यमंत्री ने कहा कि अब तक उच्च स्तरीय नर्सिंग शिक्षा के लिये विद्यार्थियों को बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था लेकिन नये भवन के निर्माण से स्थानीय स्तर पर ही बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा। इससे युवाओं का समय और आर्थिक व्यय दोनों कम होंगे तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना तक सीमित नहीं है बल्कि दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों तक चिकित्सा शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना भी है। मनेन्द्रगढ़ में नर्सिंग महाविद्यालय भवन की स्वीकृति इसी सोच का परिणाम है। इससे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को भी दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और भविष्य में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता बढ़ेगी।
स्थानीय नागरिकों और विद्यार्थियों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे जिले के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। माना जा रहा है कि महाविद्यालय भवन के निर्माण के बाद मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिला चिकित्सा और नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।


































