सफाई मित्रों को तीन माह से नही मिला है वेतन
ऐसे में कैसे सफल होगा
स्वच्छत भारत मिशन?

राजनगर कालरी/डूमरकछार- म.प्र. और अनूपपुर जिले के प्रवेश द्वार पर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा के समीप अनूपपुर जिले के नवगठित नगर परिषद डूमरकछार में दैनिक वेतन भोगी सफाई संरक्षकों को मई,जून और जुलाई माह का मानदेय/वेतन अब तक न मिलने से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति निर्मित हो गयी है। निकाय के जिम्मेदार अधिकारियों एवं विभाग प्रमुखों की लापरवाही की वजह से लगातार तीन माह से वेतन का भुगतान न होने के कारण सफाई कर्मियों और उनके परिवारों को अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है
वेतन भुगतान ना किए जाने के पीछे निकाय में पूर्व में पदस्थ मुख्य नगर पालिका अधिकारी मनोहर बिंझवार,संविलियन कर्मचारी (लेखापाल) रजनीश प्रसाद शुक्ला सहित विभाग प्रमुखो की भी भूमिका है,प्राप्त जानकारी के अनुसार इन सबके द्वारा बिना सक्षम स्वीकृति के विगत वर्षों में लाखों की राशि का फर्जी भुगतान इनकी मिलीभगत से किया गया
अध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी मिलने पर लगातर इसका मौखिक और लिखित रूप से विरोध किया गया,व्यवस्था में परिवर्तन करने का प्रयास किया गया ताकि नागरिकों को जमीनी स्तर पर सुविधाएं मिल सके,लेकिन इन भ्रष्टाचारियों को यह बात नागवार गुजरी और इन्होंने शासकीय नियमों कानूनों का गलत तरीके से हवाला देकर,साथ ही कार्य के प्रति लगातर उदासीन रहकर निकाय के विकास के साथ ये छल करते रहें और विकास कार्यों,जनहितैषी कार्यों में ये रोड़ा बनते रहे, जिसका परिणाम यह है कि विगत 1 वर्ष से निकाय के सभी जनहितैषी कार्य प्रभावित है,निकाय की आर्थिक व्यवस्था भी चरमरा गयी, साथ ही निकाय की महीने की चुंगी लगभग 11 लाख है जिसमें से कर्मचारियों के वेतन स्थापना व्यय पर 65% ही खर्च करना है,जबकि निकाय में कर्मचारियों का वेतन महीने में 23 से 25 लाख करीब होना है ऐसे में निकाय लगातर वित्तीय संकट से गुजर रहा है जिसकी वजह से विगत एक वर्ष से निकाय के सारे विकास कार्य प्रभावित है
इन सब परिस्थितियों की वजह से वेतन भुगतान में देरी का असर अब नगर की सफाई व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है, सफाई कर्मियों में असंतोष के बावजूद नगर परिषद अध्यक्ष एवं अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के द्वारा निकाय सभागार में विगत तीन माह में दो बैठके कर सफाई मित्रों से से चर्चा कर नगरहित एवं जनहित को देखते हुए सफाई कार्य जारी रखने का समझाइस दी गयी, निकाय के अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के प्रयास से सफाई व्यवस्था को यथासंभव बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है,पर फिर भी स्वच्छता का कार्य कहीं ना कहीं प्रभावित हो ही रहा है, जिसकी मुख्य वजह है यह भी है कि नगर की सफाई के बाद निकलने वाला कचरा भी ट्रांसपोर्ट होकर एमआरएफ सेंटर तक नहीं पहुंच पा रहा है क्योंकी इन कचरा को ट्रैक्टर के माध्यम से जिन साप्ताहिक मजदूरों ने एमआरएफ तक पहुंचाया पहुंचाया उन मजदूरों की मजदूरी का भी भुगतान विगत चार-पांच माह का अधिकारियों और कर्मचारियों की गैर जिम्मेदारी एवं गलती के कारण नहीं किया गया है, और वर्तमान समय में ट्रैक्टर से कचरा उठाकर एमआरएफ सेंटर भेजने की व्यवस्था भी बाधित है, निकाय के सीमित साधनों से यह कार्य किया जाता है परन्तु यह कार्य पूर्ण रूप से नहीं हो पा रहा है
सफाई संरक्षको का कहना है कि नियमित रूप से कार्य करने के बावजूद तीन माह से मेहनताना नहीं मिलने के कारण दैनिक आवश्यकताओं,बच्चों की पढ़ाई,घरेलू खर्च और अन्य जरूरी भुगतान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान किए जाने की मांग की है
नगर परिषद अध्यक्ष ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नगरीय प्रशासन के संबंधित वरिष्ट अधिकारियों से कर्मचारियों के लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने एवं निकाय की व्यवस्था को गड़बड़ी पहुंचाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एव कर्मचारियों पर विभागीय कार्यवाही किए जाने की अपेक्षा जताई है, उनका कहना है कि सफाई संरक्षक नगर की स्वच्छता व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं,उन्हें समय पर वेतन नहीं मिलने से न केवल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है, बल्कि इसका सीधा असर नगर की सफाई व्यवस्था पर भी पड़ता है
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए सफाई कर्मियों के मई, जून और जुलाई माह के लंबित वेतन का भुगतान कराने की मांग की है, साथ ही प्रतिमाह नियमित रूप से इन्हें वेतन मिले इसकी मांग की है ताकि नगर की सफाई व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके
इनका कहना है
हम निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के बार-बार हस्तक्षेप के बाद भी नियमों के विपरीत समय-समय पर पदस्थ सीएमओ और लेखापाल के द्वारा भ्रष्टाचार को अंजाम देते आये है,जब हम सब ने अंकुश लगाने का प्रयास किया तो इनकी जनहितैषी कार्यों के प्रति कोई रुचि नहीं होती है,जिससे निकाय का विकास अवरुद्ग हो रहा है, सफाई मित्रों का वेतन प्रत्येक महीने नियमित रूप से हो जाना आवश्यक है
सभापति
जितेंद्र चौहान
नगरपरिषद डूमर कछारइनका कहना है
सफाई मित्र लगातार अपने दायित्व का निर्वहन अच्छे से कर रहे हैं,स्वच्छ भारत मिशन को साकार करने के लिए यह जमीनी स्तर पर अच्छा कार्य कर रहे, कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के द्वारा जानबुझकर इनका मनोबल तोड़ा जाता है ताकि निकाय क्षेत्र का विकास अवरुद्ध हो, इसी का परिणाम है कि इन सफाई मित्रों को हर महीने नियमित रूप से वेतन नहीं मिल पा रहा है
सभापति
रविसिंह
नगरपरिषद डूमरकछार




































