स्मार्ट मीटरों की बढ़ी खपत की शिकायतों पर चरणदास महंत ने सीएम को लिखा पत्र

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स्मार्ट मीटरों की बढ़ी खपत की शिकायतों पर चरणदास महंत ने सीएम को लिखा पत्र

टेस्ट मीटर की तुलना में स्मार्ट मीटर की अधिक खपत का मामला उठाया, उच्चस्तरीय जांच और मीटर बदलने की मांग

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाये जाने के बाद बिजली खपत और बिलों में कथित अप्रत्याशित वृद्धि की शिकायतों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराने और प्रभावित उपभोक्ताओं को राहत देने के लिये तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में डॉ. महंत ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों और नगरीय निकायों में पुराने बिजली मीटरों के स्थान पर स्मार्ट मीटर लगाये जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं द्वारा बिजली बिल में अचानक और असामान्य वृद्धि की शिकायतें किये जाने की बात सामने आई है। उन्होंने इन शिकायतों की तकनीकी स्तर पर निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई है।

कोरिया के मामले को बनाया आधार

डॉ. महंत ने अपने पत्र के साथ छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के कनिष्ठ अभियंता कोरिया के पत्र की छायाप्रति भी संलग्न की है। इसमें कोरिया जिले की निवासी भावना गुप्ता द्वारा बढ़े हुए बिजली बिल की शिकायत किये जाने और खपत की जांच के लिये टेस्ट मीटर लगाये जाने का उल्लेख है।
पत्र में दिये गये विवरण के अनुसार शिकायत के बाद विद्युत विभाग ने टेस्ट मीटर लगाया। समान समयावधि में स्मार्ट मीटर और टेस्ट मीटर की रीडिंग की तुलना किये जाने पर स्मार्ट मीटर में दर्ज खपत टेस्ट मीटर की तुलना में अधिक पाई गई। डॉ. महंत ने इस प्रकरण को स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली की जांच की जरूरत के उदाहरण के तौर पर मुख्यमंत्री के समक्ष रखा है।

तकनीकी खामी की आशंका जताई

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश के अलग अलग क्षेत्रों से कई उपभोक्ताओं द्वारा पुराने इलेक्ट्रॉनिक मीटरों की तुलना में स्मार्ट मीटर लगाये जाने के बाद बिजली खपत कई गुना बढ़ने की शिकायतें की जा रही हैं। कुछ उपभोक्ताओं द्वारा यह दावा भी किया गया है कि घर के प्रमुख विद्युत उपकरण बंद रहने के बावजूद मीटर की रीडिंग बढ़ती रही।
इन शिकायतों के आधार पर डॉ. महंत ने स्मार्ट मीटरों में संभावित तकनीकी खामी, प्रोग्रामिंग अथवा सॉफ्टवेयर से जुड़ी समस्या की आशंका जताते हुए पूरे सिस्टम की विशेषज्ञ जांच कराने की मांग की है।

खरीद से लेकर सॉफ्टवेयर तक जांच की मांग

डॉ. महंत ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जिन उपभोक्ताओं की अत्यधिक बिजली खपत संबंधी शिकायतें जांच में प्रमाणित होती हैं उनके स्मार्ट मीटर तत्काल बदले जायें। इसके साथ ही प्रदेश स्तर पर स्मार्ट मीटरों की खरीद प्रक्रिया, प्रोग्रामिंग, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर की तकनीकी शुद्धता की जांच उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति अथवा अधिकृत प्रयोगशाला से कराई जाये। उन्होंने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का निष्पक्ष परीक्षण कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिये और जिन मामलों में अधिक बिल वसूली की पुष्टि हो वहां उपभोक्ताओं को आवश्यक राहत दी जानी चाहिये।
डॉ. महंत ने कहा कि आम जनता विशेषकर मध्यम वर्ग और गरीब परिवार पहले ही महंगाई और बिजली खर्च के बढ़ते दबाव से प्रभावित हैं। ऐसे में स्मार्ट मीटरों से संबंधित शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं होने पर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।

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