जेल में बंदियों को बताया उनके अधिकारों का पाठ, निःशुल्क विधिक सहायता और शिक्षा के महत्व की दी जानकारी
जिला जेल अनूपपुर में विधिक साक्षरता शिविर के साथ हुआ निरीक्षण, भोजन, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं की भी ली गई जानकारी
रिपोर्टर सुमिता शर्मा, राजनगर
अनूपपुर। मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनूपपुर श्रीमती माया विश्वलाल के मार्गदर्शन में जिला जेल अनूपपुर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के साथ जिला जेल का निरीक्षण भी किया गया, जिसमें बंदियों को उनके विधिक अधिकारों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देने के साथ उनकी समस्याओं को भी जाना गया।
बंदियों को बताए विधिक अधिकार और निःशुल्क कानूनी सहायता के प्रावधान
विधिक साक्षरता शिविर में न्यायाधीश सुश्री सुधा पाण्डेय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनूपपुर के सचिव श्री रावेन्द्र कुमार सोनी ने बंदियों से संवाद किया। इस दौरान उन्हें उनके मौलिक एवं विधिक अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता, न्यायालयीन प्रक्रिया तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न विधिक सेवाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बंदियों को बताया कि आर्थिक अथवा अन्य कारणों से कोई व्यक्ति सक्षम अधिवक्ता की सेवाओं से वंचित न रहे, इसके लिए विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। बंदियों को न्यायालयीन प्रक्रिया को समझने तथा आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध विधिक सहायता का लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
शिक्षा को बताया बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम
शिविर के दौरान बंदियों को शिक्षा के महत्व के प्रति भी जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। निरूद्ध बंदियों को साक्षर बनने तथा उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
अधिकारियों ने कहा कि जेल में रहने के दौरान शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ना व्यक्ति के आत्मविश्वास एवं व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। बंदियों को अपने समय का सदुपयोग करते हुए ज्ञान एवं शिक्षा से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
जेल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
विधिक साक्षरता शिविर के साथ जेल का निरीक्षण भी किया गया। इस दौरान बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने जेल प्रशासन द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया और यह भी देखा कि बंदियों को आवश्यक सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध हो रही हैं या नहीं।
निरीक्षण के दौरान बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। उनकी ओर से बताई गई समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में उचित दिशा-निर्देश दिए गए।
अधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा शिविर का उद्देश्य
विधिक साक्षरता शिविर का मुख्य उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता एवं न्यायालयीन प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना रहा। इसके साथ ही बंदियों को शिक्षा से जोड़कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया गया।
विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से समय-समय पर आयोजित किए जाने वाले ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से जरूरतमंद एवं निरूद्ध व्यक्तियों तक कानूनी जानकारी और सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। जिला जेल में आयोजित इस शिविर के दौरान भी अधिकारियों ने बंदियों को उपलब्ध विधिक सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी एवं कर्मचारी, जेल प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी तथा बंदीगण उपस्थित रहे।

































































