शिक्षक विद्यार्थियों के ज्ञान, व्यक्तित्व और भविष्य निर्माण के आधार स्तंभ : राज्यपाल रमेन डेका

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शिक्षक विद्यार्थियों के ज्ञान, व्यक्तित्व और भविष्य निर्माण के आधार स्तंभ : राज्यपाल रमेन डेका

एसईसीएल डीएवी विद्यालय बिलासपुर में भव्य ‘द्रोणाचार्य संगम शिक्षक सम्मान समारोह’ आयोजित, उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षक हुए सम्मानित

बिलासपुर, 6 सितंबर। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देने का कार्य नहीं करते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार, सोच और भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थी जीवन में शिक्षक से प्राप्त सीख का प्रभाव व्यक्ति के पूरे जीवन पर रहता है। यह बात छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रविवार को एसईसीएल डीएवी विद्यालय, बिलासपुर में आयोजित ‘द्रोणाचार्य संगम शिक्षक सम्मान समारोह’ में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कही।

समारोह का आयोजन एसईसीएल के विभिन्न संचालन क्षेत्रों के अंतर्गत संचालित डीएवी विद्यालयों के शिक्षकों के उत्कृष्ट योगदान और समर्पण के सम्मान में किया गया। कार्यक्रम में एसईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित सभी डीएवी विद्यालयों के शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

डॉ. राधाकृष्णन के योगदान को किया याद

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत के द्वितीय राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं उपस्थित अतिथियों द्वारा माल्यार्पण के साथ हुआ। अतिथियों ने डॉ. राधाकृष्णन के शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान का स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

इसके पश्चात समारोह में एसईसीएल के विभिन्न संचालन क्षेत्रों के अंतर्गत संचालित डीएवी विद्यालयों में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को उनके समर्पण, सेवाभाव एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। शिक्षकों के सम्मान से समारोह का वातावरण उत्साह और गौरव से भर उठा।

‘सफलता का कोई छोटा रास्ता नहीं’

अपने संबोधन में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि सफलता प्राप्त करने का कोई छोटा रास्ता नहीं होता। इसके लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन, लगन और दृढ़ संकल्प आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को कार्यों को टालने की प्रवृत्ति तथा आलस्य से दूर रहने की प्रेरणा दी।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्ति के जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है। इसी समय अर्जित ज्ञान, संस्कार और अनुभव आगे चलकर व्यक्तित्व की नींव तैयार करते हैं। शिक्षकों की भूमिका इस दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे विद्यार्थियों को केवल विषयों का ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार करते हैं।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को जीवनभर सीखने की भावना बनाए रखने का संदेश देते हुए कहा कि सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होनी चाहिए। व्यक्ति को सदैव कुछ नया सीखने और अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए तत्पर रहना चाहिए। बदलते समय के साथ स्वयं को निरंतर विकसित करना ही सफलता की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग है।

‘सोचें कि हमने समाज के लिए क्या किया’

राज्यपाल श्री डेका ने विद्यार्थियों को समाज और राष्ट्र के प्रति उनके दायित्वों का बोध कराते हुए कहा कि हमें केवल यह नहीं सोचना चाहिए कि समाज ने हमारे लिए क्या किया, बल्कि यह विचार करना चाहिए कि हमने समाज के लिए क्या किया है।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान, प्रतिभा और क्षमताओं का उपयोग समाज एवं राष्ट्र के सकारात्मक विकास में करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।

शिक्षकों के सम्मान से बढ़ता है शिक्षा का गौरव

समारोह में एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास सहित अन्य अतिथियों ने भी शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उनके योगदान की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास में शिक्षक निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे सम्मान समारोह शिक्षकों के उत्साहवर्धन के साथ-साथ शिक्षा के प्रति समाज में सम्मान की भावना को भी मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम में बिलासपुर संभाग के आयुक्त श्री सुनील जैन, एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास, मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री हिमांशु जैन, एसईसीएल डीएवी बिलासपुर के प्राचार्य श्री के. पार्थिपन, डीएवी बिलासपुर क्षेत्र की क्षेत्रीय सहायक अधिकारी श्रीमती मौलिका मुखर्जी तथा एसईसीएल डीएवी कोरबा की प्राचार्य श्रीमती सुचित्रा शर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

इसके अलावा कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह तथा एसईसीएल एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी समारोह में मौजूद रहे।

‘द्रोणाचार्य संगम शिक्षक सम्मान समारोह’ ने शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना को अभिव्यक्त करने के साथ ही विद्यार्थियों को परिश्रम, अनुशासन, निरंतर सीखने और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का प्रेरक संदेश दिया। समारोह में सम्मानित शिक्षकों ने भी शिक्षा के क्षेत्र में अपने दायित्वों को और अधिक समर्पण के साथ निभाने का संकल्प व्यक्त किया।

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