मंगलभवन निर्माण को लेकर पसान नपा में घमासान, अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के बीच मतभेद की चर्चा तेजएसईसीएल की भूमि पर निर्माण को लेकर उठे सवाल, ताराचंद यादव बोले—नगर पालिका की जमीन पर होना चाहिए मंगल भवन
जमुना-कोतमा अनूपपुर जिले की कोयलांचल नगरी नगर पालिका परिषद पसान में इन दिनों मंगल भवन एवं कॉम्प्लेक्स निर्माण का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। नगर पालिका अध्यक्ष राम अवध सिंह और उपाध्यक्ष अजय यादव के बीच इस मामले को लेकर मतभेद की चर्चाओं के बीच वरिष्ठ नागरिक एवं भारतीय मजदूर संघ के नेता ताराचंद यादव का बयान सामने आया है
ताराचंद यादव ने कहा कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के बीच व्यक्तिगत तौर पर आमने-सामने की स्थिति नहीं है, बल्कि वास्तविक मुद्दा मंगल भवन के निर्माण स्थल को लेकर है उनके अनुसार मंगल भवन एवं कॉम्प्लेक्स का निर्माण मध्यप्रदेश शासन की राशि से एसईसीएल की भूमि पर कराया जा रहा है। उनका कहना है कि भूमि के स्वामित्व और उपयोग की स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर भविष्य में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है
उन्होंने बताया कि निर्माण में लगभग 1 करोड़ 92 लाख 8 हजार 666 रुपये की राशि खर्च की जा रही है उनके मुताबिक नगर पालिका के पास भूमि उपलब्ध होने के बावजूद एसईसीएल की भूमि पर निर्माण क्यों किया जा रहा है, इसको लेकर उपाध्यक्ष अजय यादव ने सीएमओ शशांक आरमो से जानकारी मांगी ताराचंद यादव के अनुसार एसईसीएल के संपदा अधिकारी, कोतमा-गोविंदा की ओर से नगर पालिका को नोटिस दिए जाने के बाद निर्माण स्थल से संबंधित स्थिति सामने आई
कोऑपरेटिव की जमीन का उदाहरण देकर जताई चिंता
ताराचंद यादव ने अपने बयान में भालूमाड़ा की पूर्व कोऑपरेटिव संस्था की भूमि का उदाहरण देते हुए कहा कि एसीसी कंपनी के समय मजदूरों को सब्सिडी पर सामान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कोऑपरेटिव का गठन किया गया था। उनके अनुसार उस समय कोऑपरेटिव के पास करीब 15 से 20 एकड़ जमीन थी, लेकिन वर्तमान में उक्त जमीन के बड़े हिस्से पर निजी लोगों द्वारा कब्जा किए जाने की स्थिति है
उन्होंने कहा कि यह उदाहरण इसलिए महत्वपूर्ण है कि भविष्य में मंगल भवन और कॉम्प्लेक्स की भूमि को लेकर भी इसी तरह की स्थिति पैदा न हो। उनका कहना है कि यदि निर्माण एसईसीएल की भूमि पर होता है और बाद में भूमि को लेकर कोई विवाद या अधिकार संबंधी समस्या उत्पन्न होती है तो इसका असर नगर पालिका की संपत्ति और जनता के हितों पर पड़ सकता है
ताराचंद यादव ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य मंगल भवन के निर्माण का विरोध करना नहीं है मंगल भवन बनना चाहिए और अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष दोनों इसके पक्ष में हैं, लेकिन निर्माण नगर पालिका की भूमि पर होना चाहिए उन्होंने कहा कि जमुना में निर्मित मंगल भवन सरकारी भूमि पर बनाया गया है, इसलिए पसान में भी ऐसी भूमि का चयन किया जाना चाहिए जिस पर नगर पालिका का स्पष्ट अधिकार हो
उन्होंने नगर पालिका एवं जिला प्रशासन से मांग की कि मंगल भवन और कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए जिस भूमि का उपयोग किया जा रहा है, उसके स्वामित्व, रिकॉर्ड और अधिकार की स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में कोई निजी व्यक्ति उक्त भूमि पर कब्जा न कर सके
ताराचंद यादव के बयान के बाद मंगल भवन निर्माण का मुद्दा एक बड़ा बार फिर नगर क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। अब लोगों की नजर नगर पालिका एवं प्रशासन की ओर है कि भूमि के स्वामित्व और निर्माण की वैधानिक स्थिति को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है




































































