शिक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर सीटू का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
अनूपपुर। सीटू के राष्ट्रीय आह्वान पर सोमवार को अनूपपुर जिले के जैतहरी एवं कोतमा में सीटू कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर देश की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त संस्थागत भ्रष्टाचार, नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) को वापस लेने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग की।
ज्ञापन में प्रख्यात जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की कथित जबरन गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया गया। सीटू नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार शांतिपूर्ण जन आंदोलनों और लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
सीटू जिला समिति अनूपपुर ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि देश के करोड़ों छात्र, युवा और मेहनतकश वर्ग शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं तथा लोकतांत्रिक अधिकारों पर हो रहे हमलों से चिंतित हैं। संगठन ने राष्ट्रपति से इन मामलों में हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो देशभर में व्यापक और तीव्र आंदोलन चलाया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी। प्रदर्शन के दौरान सीटू पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
































