शासकीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता- राज्य मंत्री श्री जायसवाल 

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जनकल्याण शिविर शासन और जनता के बीच संवाद का सशक्त माध्यम – कलेक्टर

शिविर में आए कुल 44 आवेदन, समय-सीमा में निराकरण के निर्देश

ग्राम कोठी में जनकल्याण शिविर का हुआ आयोजन

 

अनुपपुर 13 जून 2026/ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने तथा जल स्रोतों के संवर्धन के उद्देश्य से जनपद पंचायत कोतमा के ग्राम कोठी में शुक्रवार को जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया। मध्य प्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री श्री दिलीप जायसवाल के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की।

 

इस अवसर पर राज्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि जल-संरचनाओं का संरक्षण तथा शासकीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विश्व पर्यावरण दिवस से विश्व योग दिवस तक विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत अपनी माता के सम्मान में एक पौधा लगाने तथा उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

 

राज्य मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल शासन का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने “जल गंगा संवर्धन अभियान” का उल्लेख करते हुए ग्रामीणों से नदियों, नालों, तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों के संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों के कैचमेंट क्षेत्रों के प्रभावित होने से जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है। ऐसे में जल संरचनाओं के संरक्षण, साफ-सफाई एवं पुनर्जीवन के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जल अवरोधकों एवं स्टॉप डैमों की नियमित देखरेख सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।

 

श्री जायसवाल ने कहा कि जनकल्याण शिविरों का मुख्य उद्देश्य शासन की सभी लोकहितकारी योजनाओं की जानकारी सीधे नागरिकों तक पहुंचाना तथा पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए गांव-गांव सर्वे कर छूटे हुए हितग्राहियों का चिन्हांकन कर उन्हें योजनाओं से जोड़ा जाए।

 

शिविर के दौरान राज्य मंत्री ने नल-जल योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं पंचायत अमले को निर्देश दिए कि क्षेत्र के सभी हैंडपंपों की नियमित निगरानी की जाए। यदि किसी तकनीकी कारण से हैंडपंप बंद हैं तो उनका तत्काल सुधार कर ग्रामीणों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है।

 

कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने बताया कि जिले में 12 से 18 जून तक विशेष जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिनका उद्देश्य राजस्व एवं अन्य स्थानीय समस्याओं का त्वरित निराकरण करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में आवेदन पंजी अनिवार्य रूप से संधारित की जाए तथा प्राप्त प्रत्येक आवेदन का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ग्रामीणों को योजनाओं की पात्रता एवं लाभों की जानकारी सक्रिय रूप से उपलब्ध कराई जाए।

 

कलेक्टर ने जिलेवासियों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने तथा उत्तम स्वास्थ्य के लिए योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनकल्याण शिविर शासन और जनता के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं तथा इनके माध्यम से योजनाओं का लाभ तेजी से पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है।

 

ग्रामीणों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पशुपालन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, विद्युत, कृषि, उद्यानिकी, सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा विकास प्रदर्शनी एवं जानकारीपरक स्टॉल लगाए गए। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर उपस्थित ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया।

 

शिविर में नामांतरण, फौती नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन जैसे राजस्व प्रकरणों के साथ-साथ आयुष्मान भारत कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन पात्रता पर्ची, मुख्यमंत्री संबल योजना, छात्रवृत्ति तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए। विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं एवं योजनाओं के लाभ हेतु ग्रामीणों द्वारा कुल 44 आवेदन प्रस्तुत किए गए।

शिविर में जनपद पंचायत कोतमा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत कोतमा के उपाध्यक्ष श्री अभिषेक सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों-कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही।

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