सामूहिक दुष्कर्म मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार, विधि विरुद्ध संघर्षरत बालक भी पकड़ा गया
मोबाइल नहीं होने से चुनौतीपूर्ण थी तलाश, साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से बस चेकिंग के दौरान पुलिस के चढ़े हत्थे
कोटाडोल/एमसीबी। थाना कोटाडोल क्षेत्र में सामूहिक दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके साथ एक विधि विरुद्ध संघर्षरत बालक को भी पुलिस ने पकड़ा है। आरोपियों के पास मोबाइल फोन नहीं होने के कारण उनकी तलाश पुलिस के लिये चुनौतीपूर्ण थी लेकिन तकनीकी विश्लेषण, साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
पुलिस के अनुसार 29 अगस्त 2026 को पीड़िता ने थाना कोटाडोल में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 अगस्त की रात दो युवकों ने उसके घर में जबरन प्रवेश कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 63/2026 के तहत धारा 70 एवं 332(ख) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल सूचना दी गई। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिये पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों पर लगातार तलाश शुरू की। मुख्य आरोपी राजपाल अगरिया पूर्व में महाराष्ट्र में काम कर चुका था। ऐसे में घटना के बाद उसके महाराष्ट्र की ओर भागने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने महाराष्ट्र सहित अन्य संभावित स्थानों पर भी निगरानी बढ़ाई।
रिश्तेदारों और परिचितों के नंबरों से जुड़ी कड़ियां खंगालीं
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास स्वयं के मोबाइल फोन नहीं थे। ऐसे में पुलिस ने उनके रिश्तेदारों और परिचितों के मोबाइल नंबरों और कॉल डिटेल के आधार पर उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई। साइबर सेल के सहयोग से प्राप्त तकनीकी इनपुट और मुखबिर तंत्र से मिलने वाली सूचनाओं का लगातार विश्लेषण किया जाता रहा। इसी दौरान 11 सितंबर को ग्राम फूलझर थाना केल्हारी क्षेत्र में आरोपियों के देखे जाने की सूचना मुखबिर से मिली। पुलिस टीम ने तत्काल फूलझर और आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की। इसी दौरान आरोपियों के बस से जनकपुर की ओर जाने की जानकारी मिली।
बस चेकिंग के दौरान गिरफ्त में आये आरोपी
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने संभावित मार्गों पर बसों की चेकिंग शुरू कर दी। 12 सितंबर को ग्राम घाघरा के पास बस चेकिंग के दौरान राजपाल अगरिया और उसके साथी को पकड़ लिया गया। पुलिस द्वारा पूछताछ और विवेचना में दोनों की घटना में संलिप्तता सामने आने की जानकारी दी गई है। पुलिस ने आरोपी राजपाल अगरिया के खिलाफ विधिवत कार्यवाही करते हुए उसे जेएमएफसी न्यायालय जनकपुर के समक्ष पेश किया जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया वहीं प्रकरण में शामिल विधि-विरुद्ध संघर्षरत बालक को नियमानुसार किशोर न्याय बोर्ड मनेन्द्रगढ़ के समक्ष प्रस्तुत किया गया
पुलिस के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी में साइबर सेल, तकनीकी जानकारी और मुखबिर तंत्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मोबाइल फोन उपलब्ध नहीं होने के बावजूद पुलिस ने परिजनों और रिश्तेदारों से प्राप्त सूचनाओं का तकनीकी विश्लेषण कर संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर त्वरित बस चेकिंग करते हुए दोनों को पकड़ लिया गया।


































































