बिना अनुज्ञा के निर्माणाधीन भवनों पर नियमानुसार पेनाल्टी की करें कार्यवाही- कलेक्टर
जिले के सभी चिन्हित शासकीय जर्जर भवनों को अभियान चलाकर किया जाए डिस्मेंटल की कार्यवाही-कलेक्टर
कलेक्टर ने समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश
अनूपपुर 27 अप्रैल 2026/ कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने कहा है कि ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था पूर्णतः सुव्यवस्थित और सुचारू रूप से संचालित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित नल-जल योजनाओं के प्रशिक्षित ऑपरेटरों की अधिकारियों द्वारा रियल टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को समय पर एवं आवश्यकता अनुसार पर्याप्त जल उपलब्ध हो सके। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि पेयजल व्यवस्था के संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। कलेक्टर श्री पंचोली आज कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में आयोजित समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे रहे थे।
कलेक्टर श्री पंचोली ने जिले के सभी नगरीय क्षेत्रों में भवन निर्माण कार्य को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को निर्देशित किया कि नए भवनों का निर्माण केवल विधिवत भवन अनुज्ञा प्राप्त करने के बाद ही कराया जाए। साथ ही, शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं स्वीकृत नक्शे के अनुरूप ही अनुज्ञा प्रदान की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बिना अनुमति निर्माण कार्य कराने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्यवाही करते हुए पेनाल्टी लगाना सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में कलेक्टर श्री पंचोली ने जिले के सभी चिन्हित शासकीय जर्जर भवनों को मानसून से पूर्व अभियान चलाकर डिस्मेंटल (ध्वस्तीकरण) करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने जर्जर भवनों के डिस्मेंटल हेतु कार्यपालन यंत्री, पीआईयू से समन्वय स्थापित कर आवश्यक अनुमति प्राप्त करें और प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने विशेष रूप से सर्व शिक्षा अभियान, शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को इस दिशा में गंभीरता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर श्री पंचोली ने जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में जल संरक्षण एवं स्वच्छता से जुड़े सभी कार्यों का प्रभावी एवं परिणाममुखी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी शासकीय पेयजल टंकियों की नियमित साफ-सफाई की जाए तथा स्वच्छता साथियों के सहयोग से कुएं, नदियों, तालाबों एवं बांधों सहित समस्त जल स्त्रोतों को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखा जाए। उन्होंने पोषण वाटिकाओं एवं सक्षम आंगनबाड़ियों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने, सिंचाई क्षेत्र के विस्तार, जल संग्रहण संरचनाओं के जीर्णाेद्धार, वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहित करने एवं सार्वजनिक स्थलों पर प्याऊ स्थापना जैसे कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही इन गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग एवं प्रगति की सतत समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जनहितैषी पहल है, जिसके सफल क्रियान्वयन हेतु सभी संबंधित अधिकारी समन्वय, प्रतिबद्धता एवं गंभीरता के साथ कार्य करें, ताकि जिले में जल संरक्षण, संवर्धन एवं स्वच्छता के स्थायी परिणाम प्राप्त हो सकें।
बैठक में कलेक्टर श्री पंचोली ने एमपी ई-सेवा ऐप के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश देते हुए कहा कि इसके बैनर एवं पोस्टर लोक सेवा केंद्रों, जनपद पंचायत कार्यालयों तथा तहसील कार्यालयों में अनिवार्य रूप से लगाए जांए, ताकि आम नागरिकों को इस ऐप के संबंध में समुचित जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि एमपी ई-सेवा ऐप के माध्यम से विभिन्न शासकीय सेवाओं एवं सुविधाओं का लाभ नागरिकों तक पारदर्शिता एवं सुगमता के साथ पहुंचाया जा सकता है। अतः संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि अधिक से अधिक लोग इस ऐप से जुड़ें और उपलब्ध सेवाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें।
बैठक में कलेक्टर श्री पंचोली ने खाद्य, सहकारिता, खनिज, स्वास्थ्य, मत्स्य, श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा कृषि उपज मंडी विभाग सहित अन्य विभागों के कार्यों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभागवार प्रगति, लंबित प्रकरणों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का अवलोकन करते हुए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभाग शासन की योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें तथा कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखें। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किए जांए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री के.के.सोनी सहित जिले के विभिन्न विभागों के विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।















































