जमुना कोतमा
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के नेतृत्व में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 के अंतर्गत विकासखंड अनूपपुर के सेक्टर क्रमांक 04 स्थित ग्राम पंचायत बरतराई के गोरधरा तालाब में रविवार को सामूहिक श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। जल स्रोत सेवा समागम कार्यक्रम के तहत आयोजित इस अभियान में ग्रामीणों, नवांकुर संस्था, प्रस्फुटन समितियों तथा छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाते हुए तालाब की साफ-सफाई कर जल संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता एवं जल के प्रति जनजागरूकता को बढ़ावा देना रहा। अभियान के दौरान गोरधरा तालाब की सामूहिक सफाई की गई तथा आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ बनाकर जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प लिया गया। उपस्थित लोगों ने “जल है तो कल है” के संदेश को आत्मसात करते हुए जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में बताया गया कि मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के मार्गदर्शन में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत 19 मार्च से 30 जून 2026 तक जल स्रोत सेवा समागम कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के द्वितीय चरण में तालाब, नदी, कुआं, पोखर एवं अन्य जल स्रोतों की साफ-सफाई, संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अभियान का उद्देश्य केवल जल स्रोतों की सफाई तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में जल संरक्षण के प्रति दीर्घकालिक चेतना विकसित करना भी है।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि आज जल स्रोतों के संरक्षण के लिए ठोस प्रयास नहीं किए गए तो भविष्य में जल संकट विकराल रूप ले सकता है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह जल संरक्षण के इस महाअभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करे। सामूहिक श्रमदान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जल स्रोतों की रक्षा केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में नवांकुर संस्था नगर विकास प्रस्फुटन समिति पसान, प्रस्फुटन समिति प्यारी नंबर-2 बरतराई, पसान, गम्भीरवाटोला एवं मलगा के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इस अवसर पर नवांकुर संस्था पसान के प्रतिनिधि, परामर्शदाता शिवानी सिंह, कृष्णा देवी, प्रस्फुटन समिति के सदस्य, सीएमसीएलडीपी छात्रा स्वाति, निशा, आरती, रेखा, किरण प्रजापति, पारस मुखर्जी, दशरथ सिंह एवं रमेशलाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने 30 जून 2026 तक अभियान को निरंतर जारी रखते हुए जल संरक्षण, स्वच्छता एवं पर्यावरण संवर्धन के लिए निरंतर श्रमदान करने का संकल्प लिया। ग्रामीणों के उत्साह और सहभागिता ने यह साबित कर दिया कि यदि समाज जागरूक हो जाए तो जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर बड़ा परिवर्तन संभव है।















































