मांगे नहीं मानीं तो खदानों के खिलाफ होगा जनआंदोलन: भारती केवट

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शुद्ध पानी, शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कलेक्टर व एसईसीएल महाप्रबंधक को सौंपा ज्ञापन

अनूपपुर। जमुना-कोतमा क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर जिला पंचायत सदस्य भारती केवट ने कलेक्टर एवं एसईसीएल महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि ग्रामीणों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो खदानों के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन छेड़ा जाएगा।

भारती केवट ने कहा कि वर्षों से क्षेत्र में कोयला खनन हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय ग्रामीण शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन गतिविधियों के कारण प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, जबकि क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर भी नहीं मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं के लिए खेल मैदान एवं खेल सुविधाओं का भी अभाव है। क्षेत्र के विकास के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति संतोषजनक नहीं है।

जिला पंचायत सदस्य ने प्रशासन और खदान प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि क्षेत्रीय प्रबंधक और संबंधित अधिकारी ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं करते हैं तो गांव-गांव जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों के साथ धरना-प्रदर्शन, हड़ताल और जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और खदान प्रबंधन की होगी।

ये प्रमुख मांगें उठाईं

प्रभावित गांवों में शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था।

बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार।

स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना।

खेल मैदान एवं खेलकूद सुविधाओं का विकास।

प्रदूषण नियंत्रण और क्षेत्रीय विकास की ठोस कार्ययोजना।

भारती केवट ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि पूरे जमुना-कोतमा क्षेत्र के अधिकारों और भविष्य की लड़ाई है। यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र में बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।

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