लूट की झूठी कहानी गढ़कर 1.20 लाख रुपये हड़पने वाले आरोपी को कोर्ट से झटका, जमानत याचिका खारिज
माइक्रो फाइनेंस कंपनी के फील्ड ऑफिसर ने समूह वसूली की रकम हड़पने के लिए रची थी लूट की झूठी कहानी, पुलिस ने 1.18 लाख रुपये और मोबाइल किया बरामद
अनूपपुर। समूह वसूली की राशि हड़पने की नीयत से अपने साथ लूट की झूठी घटना बताने वाले आरोपी कुलदीप शर्मा को न्यायालय से राहत नहीं मिली। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश श्रीकृष्णा डागलिया ने आरोपी की जमानत याचिका निरस्त कर दी। शासन की ओर से लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा ने मामले में प्रभावी पैरवी करते हुए आरोपी की जमानत का विरोध किया।
मामले के अनुसार माइक्रो फाइनेंस कंपनी में फील्ड ऑफिसर के पद पर कार्यरत कुलदीप शर्मा, पिता कन्हैयालाल शर्मा, उम्र 24 वर्ष, निवासी उचेहरा, थाना गोहपारू, जिला शहडोल, देवरी, खुटवा, चचाई और सकोला क्षेत्र के समूहों से राशि वसूलने का कार्य करता था। 6 अगस्त 2026 को वह सुबह करीब 7 बजे अनूपपुर से मोटरसाइकिल से समूहों की वसूली करने निकला था। उसे वसूली की राशि कार्यालय में जमा करनी थी, लेकिन वह वापस कार्यालय नहीं पहुंचा और अपना मोबाइल बंद कर लिया।
अगले दिन कंपनी की ओर से राशि कार्यालय में जमा करने के लिए दबाव बनाए जाने पर आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि पैसों की जरूरत होने के कारण उसने समूह से वसूली गई रकम अपने व्यक्तिगत खर्च के लिए रख ली है। इतना ही नहीं, रकम हड़पने के उद्देश्य से शिकायतकर्ता को गुमराह करने के लिए उसने अपने साथ लूट की झूठी घटना होने की कहानी भी बताई।
शिकायतकर्ता अमित नामदेव की रिपोर्ट पर चचाई थाना पुलिस ने आरोपी कुलदीप शर्मा के विरुद्ध अपराध क्रमांक 216/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2) और 316(5) में मामला दर्ज किया।
निशानदेही पर बरामद हुई रकम
पुलिस जांच के दौरान आरोपी की निशानदेही पर समूह वसूली की राशि में से 1 लाख 18 हजार 400 रुपये तथा मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपी को 7 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इसके बाद आरोपी की ओर से तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश श्रीकृष्णा डागलिया के न्यायालय में जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान शासन की ओर से लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा ने मामले की गंभीरता, आरोपी द्वारा वसूली की राशि हड़पने तथा कथित रूप से लूट की झूठी कहानी गढ़कर जांच को गुमराह करने के तथ्यों को न्यायालय के समक्ष रखा।
न्यायालय ने मामले की परिस्थितियों और अभियोजन पक्ष के तर्कों पर विचार करने के बाद कुलदीप शर्मा की जमानत याचिका निरस्त कर दी। आरोपी 7 अगस्त 2026 से जेल में निरुद्ध है।
लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले में अभियोजन की ओर से न्यायालय के समक्ष प्रभावी पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को जमानत नहीं मिल सकी।





































