ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी
धार के निकट ग्राम नालछा के निवासी लखन चौहान एक ऐसी बीमारी से ग्रसित है जिस की किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय सर्जरी या गोली दवाइयां के द्वारा ठीक किया जा सके पिछले 10 वर्षों से वह इस बीमारी की पीड़ा झेल रहे हैं दिल्ली एम्स में दिखाने के बाद तो उनके जीने की उम्मीद ही लगभग खत्म हो चुकी थी पर डॉक्टर के परामर्श के बाद उन्हें एक रहता यह मिली कि दिल्ली एम्स के डॉक्टरों ने यह कहकर उन्हें समझाया कि आने वाले एक या दो वर्षों में इस बीमारी की चिकित्सा शायद संभव हो सके पर इस जिंदा दिल इंसान ने जीवन से लड़ने का फैसला किया आज भी वह अपनी पत्नी की मदद से अपनी किराने की छोटी से दुकान के माध्यम से व्यापार कर अपने घर परिवार की आजीविका चला रहे हैं सोशल मीडिया के माध्यम से भी वह प्रशासन तथा सरकार के नुमाइंदों से आर्थिक मदद की गुहार लग रहे हैं पर ना तो स्थानीय विधायक नाही सत्ता में बैठी सरकार उनकी गुहार सुनने को तैयार है जबकि यूपी और बिहार जहां पर भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार है ₹600000 से अधिक की ला इलाज बीमारियों के लिए मदद की जा रही है लेकिन इस परिवार को कहीं से भी राहत की उम्मीद नहीं नजर आ रही है लेकिन एक अच्छी बात इसमें निकाल कर यह सामने आई है कि सोशल मीडिया के माध्यम से जो लोग इनके संपर्क में आ रहे हैं वह मदद के रूप में उनकी दुकान से स्वदेशी अनाजों की खरीदी कर रहे हैं इसके बहुत सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं आज हमारे चैनल के माध्यम से भी उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम गुहार लगाई है





































