करौली शंकर दास जी महाराज जा जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया

---Advertisement---

करौली शंकर दास जी महाराज जा जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया

अनूपपुर- श्री करौली शंकर
महादेव धाम में विगत दिनों श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर पूर्ण गुरु श्री करौली शंकर दास जी महाराज का 62वां जन्मोत्सव श्रद्धा,भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया,इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ अमेरिका, यूरोप एवं चेक गणराज्य सहित अनेक देशों से आए श्रद्धालुओं ने गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया,इसी आयोजन के साथ 29 जुलाई से प्रारंभ हुए चार दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव 2026 का समापन कार्यक्रम भी संपन्न हुआ।
आयोजन के दौरान गुरु पूजन,वैदिक मंत्रोच्चार, ध्यान साधना, आध्यात्मिक प्रवचन तथा भक्तों के लिए विशेष आशीर्वाद सत्र आयोजित किए गए,पूरे धाम परिसर में भक्ति,अनुशासन और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला,हजारों श्रद्धालुओं ने विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की और प्रसाद ग्रहण किया।
अपने संबोधन में पूर्ण गुरु श्री करौली शंकर दास जी महाराज ने कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मबोध,आंतरिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति है।
उन्होंने कहा कि ध्यान, साधना और दृढ़ संकल्प के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है तथा मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक जागरूकता को विकसित कर सकता है,श्री करौली शंकर दास जी महाराज के अनुयायियों के अनुसार, वे प्राचीन भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं को आधुनिक संदर्भ में समझाने का प्रयास करते हैं,उनके प्रवचनों में *’स्मृति महाविज्ञान’ तथा *’शिव तंत्र’ जैसे विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की जाती है,जिनका उद्देश्य व्यक्ति को स्वयं के भीतर परिवर्तन और आत्मचिंतन की
दिशा में प्रेरित करना है।
धाम में संचालित तंत्र क्रिया योग साधना पद्धति के माध्यम से गृहस्थ जीवन जीने वाले साधकों को भी नियमित ध्यान, योग एवं वैदिक साधना से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। संस्था का कहना है कि इसका उद्देश्य लोगों को आध्यात्मिक अनुशासन,आत्मविकास और संतुलित जीवनशैली के लिए प्रेरित करना है।
पिछले कुछ वर्षों में श्री करौली शंकर महादेव धाम से जुड़े आध्यात्मिक कार्यक्रमों में देश-विदेश से श्रद्धालुओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है।
संस्था के अनुसार, ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से लाखों लोग नियमित रूप से प्रवचनों,ध्यान सत्रों और आध्यात्मिक कार्यक्रमों से जुड़ रहे हैं।
हाल ही में श्री करौली शंकर दास जी महाराज को भारतीय आध्यात्मिक परंपरा,समाजसेवा तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए ‘भारत गौरव सम्मान’ से भी सम्मानित किया गया। संस्था का कहना है कि उनका उद्देश्य भारतीय आध्यात्मिक ज्ञान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की भावना को मजबूत करना है।
चार दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव के समापन के साथ श्रद्धालुओं ने गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा आगामी आध्यात्मिक कार्यक्रमों में पुनः सम्मिलित होने का संकल्प व्यक्त किया। आयोजन के समापन पर सेवा कार्य एवं प्रसाद वितरण भी संपन्न हुआ।
उक्ताशय की जानकारी करौली शंकर महादेव धाम से जुड़े दरबार के मंत्र दीक्षित भक्त हनी चौरसिया एवं राजेश सिंह ने संयुक्त रूप से दी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment