कोतमा पुलिस की तत्परता से कपड़ा व्यापारी को मिला न्याय, 7 लाख का फंसा माल दिलाया वापस

---Advertisement---

कोतमा पुलिस की तत्परता से कपड़ा व्यापारी को मिला न्याय, 7 लाख का फंसा माल दिलाया वापस
रिपोर्टर दीपेश जैन, कोयलांचल समाचार

कोतमा। नगर के प्रतिष्ठित थोक कपड़ा व्यापारी विपुल गोयनका को कोतमा पुलिस की तत्परता और थाना प्रभारी रत्नांबर शुक्ला के प्रभावी हस्तक्षेप से बड़ी राहत मिली है। महीनों से फंसे लाखों रुपए के कपड़ों के माल के मामले में पुलिस की सक्रियता से व्यापारी को न्याय मिला और लगभग 7 लाख रुपए मूल्य के कपड़ों की राशि वापस दिलाई गई। इस कार्रवाई के बाद व्यापारी ने थाना प्रभारी रत्नांबर शुक्ला और कोतमा पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया है।

जानकारी के अनुसार, नगर के प्रमुख थोक कपड़ा व्यापारी विपुल गोयनका पिछले कई वर्षों से दिल्ली, सूरत, लुधियाना और कटनी जैसे बड़े व्यापारिक केंद्रों से गर्म व फैंसी कपड़ों का कारोबार करते आ रहे हैं। व्यापारिक सुविधा के लिए वह स्थानीय ट्रांसपोर्टर के बड़े गोदाम का उपयोग करते थे, जहां ट्रांसपोर्टर की सहमति से उनके लाखों रुपए मूल्य के कपड़ों के बंडल सुरक्षित रखे जाते थे। आवश्यकता अनुसार समय-समय पर व्यापारी वहां से माल निकलवाते रहते थे।

बताया गया कि ट्रांसपोर्टर के गोदाम में लगभग 10 से 12 लाख रुपए मूल्य के कपड़ों के बंडल रखे हुए थे। इसी दौरान व्यापारी को बिना कोई पूर्व सूचना दिए ट्रांसपोर्टर ने कपड़ों के बंडलों को एक ट्रक में भरकर अन्यत्र भेज दिया। जब व्यापारी को इसकी जानकारी लगी और उन्होंने गोदाम पहुंचकर माल के संबंध में जानकारी चाही, तो ट्रांसपोर्टर ने पहले साफ तौर पर यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उसके गोदाम में व्यापारी का कोई माल रखा ही नहीं गया था।

अचानक लाखों रुपए का माल गायब होने से व्यापारी विपुल गोयनका गहरे सदमे और आर्थिक संकट में आ गए। मामला गंभीर होने पर उन्होंने दिसंबर 2025 में कोतमा थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही थाना प्रभारी रत्नांबर शुक्ला ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू कराई। पुलिस ने शिकायत के सभी पहलुओं, लेन-देन की स्थिति, गोदाम उपयोग और उपलब्ध तथ्यों की सूक्ष्मता से जांच की। जांच के दौरान पुलिस ने ट्रांसपोर्टर से सख्ती से पूछताछ की और कानूनी बिंदुओं पर स्पष्ट रुख अपनाया।

पुलिस की सख्ती और सटीक जांच के बाद ट्रांसपोर्टर ने अंततः व्यापारी के लगभग 7 लाख रुपए मूल्य के कपड़ों के माल को स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस की मध्यस्थता और कार्रवाई के चलते अप्रैल 2026 से पहले व्यापारी को उनके माल की कीमत वापस दिलाई गई। इस कार्रवाई से व्यापारी को बड़ी राहत मिली और संभावित भारी आर्थिक नुकसान टल गया।

न्याय मिलने के बाद व्यापारी विपुल गोयनका ने कोतमा पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि थाना प्रभारी रत्नांबर शुक्ला समय रहते हस्तक्षेप नहीं करते, तो उनका लाखों रुपए का नुकसान हो जाता। उन्होंने कहा कि पुलिस ने निष्पक्षता, संवेदनशीलता और तत्परता के साथ जांच कर उन्हें न्याय दिलाया, जिसके लिए वह और उनका परिवार कोतमा पुलिस के आभारी हैं।

इस कार्रवाई की चर्चा नगर के व्यापारिक वर्ग में व्यापक रूप से हो रही है। व्यापारियों ने कोतमा पुलिस की निष्पक्ष कार्यप्रणाली, त्वरित हस्तक्षेप और प्रभावी कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे व्यापारियों के हित में भरोसेमंद कदम बताया है। नगर के व्यापारिक समुदाय का कहना है कि इस कार्रवाई से व्यापारियों में पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

April 28, 2026

April 28, 2026

April 28, 2026

April 27, 2026

April 27, 2026

April 27, 2026

Leave a Comment