खेत की सुरक्षा में लगाए झटका तार की चपेट में आया 35 वर्षीय युवक, करंट लगने से मौत
फुनगा चौकी क्षेत्र के पाली गांव की घटना, खेत में लगाए तार में 11 केवी करंट प्रवाहित किए जाने की चर्चा; पुलिस ने शुरू की जांच
अनूपपुर। फुनगा चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पाली के धनकुटा में खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए झटका तार की चपेट में आने से 35 वर्षीय युवक सम्हारू केवट की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे ने खेतों की सुरक्षा के लिए विद्युत करंट के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार सम्हारू केवट खेत की ओर गया था। इसी दौरान वह खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत होने की बात सामने आई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई।
11 केवी करंट प्रवाहित किए जाने की चर्चा
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए तार में कथित रूप से 11 केवी विद्युत करंट प्रवाहित किया जा रहा था। हालांकि, तार में वास्तव में किस स्रोत से और कितने वोल्ट का करंट प्रवाहित हो रहा था, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
यदि खेत की सुरक्षा के लिए जानबूझकर विद्युत लाइन से तार को जोड़कर करंट प्रवाहित किया गया था, तो यह गंभीर लापरवाही का मामला हो सकता है। ऐसे में खेत के आसपास आने-जाने वाले लोगों की जान को भी खतरा बना रहता है। घटना के बाद ग्रामीणों में भी इस तरह की व्यवस्था को लेकर चिंता है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ करंट के स्रोत, खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए तार और उसमें विद्युत प्रवाह की स्थिति की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि तार में बिजली किस माध्यम से पहुंचाई गई थी।
मौत के वास्तविक कारण और घटना के लिए जिम्मेदारी की स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा के नाम पर जान जोखिम में डालने पर सवाल
घटना के बाद खेतों की सुरक्षा के लिए विद्युत करंट का इस्तेमाल किए जाने की आशंका ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए यदि खुले तारों में घातक विद्युत करंट प्रवाहित किया जाता है, तो इससे खेतों में आने-जाने वाले ग्रामीणों, पशुओं और राहगीरों की जान को खतरा हो सकता है।
सम्हारू केवट की मौत ने इस पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। अब पुलिस जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि खेत की सुरक्षा में लगाए गए तार में विद्युत करंट कैसे पहुंचा और युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। जांच के निष्कर्ष के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर सामने आएगी।










































