15 लाख के घाट निर्माण में लापरवाही! जलमग्न सीढ़ियों से बाहर निकली सरिया, हादसे का खतरा
बुढ़ानपुर के रामसागर तालाब में अधूरा पड़ा घाट निर्माण, रोजाना निस्तार के लिए पहुंच रहे ग्रामीण; बैरिकेडिंग की मांग
कोतमा। जनपद पंचायत कोतमा अंतर्गत ग्राम पंचायत बुढ़ानपुर स्थित रामसागर तालाब में करीब 15 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा घाट निर्माण कार्य इन दिनों ग्रामीणों के लिए परेशानी और संभावित खतरे का कारण बन गया है। निर्माण कार्य कई दिनों से अधूरा पड़ा हुआ है, जबकि तालाब का उपयोग ग्रामीण प्रतिदिन निस्तार के लिए कर रहे हैं। निर्माणाधीन हिस्से में पानी भरने से सीढ़ियां जलमग्न हो गई हैं और उनमें लगी नुकीली लोहे की सरिया पानी के बाहर निकली दिखाई दे रही हैं।
जलमग्न सीढ़ियों में निकली सरिया, दुर्घटना की आशंका
ग्रामीणों के अनुसार रामसागर तालाब का उपयोग गांव के पुरुष, महिलाएं और बच्चे दैनिक निस्तार के लिए करते हैं। वर्तमान में निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण ग्रामीणों को निर्माणाधीन घाट के आसपास से ही तालाब में जाना पड़ रहा है। बारिश के चलते निर्माणाधीन हिस्से में पानी भर गया है, जिससे सीढ़ियां दिखाई नहीं देतीं।
सीढ़ियों में लगी नुकीली सरिया पानी के भीतर और आसपास निकली हुई है। ऐसे में निस्तार के दौरान किसी ग्रामीण या बच्चे का पैर सरिया में फंसने अथवा उससे टकराने की स्थिति में गंभीर चोट लग सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो किसी अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
अधूरा निर्माण ग्रामीणों के लिए बना परेशानी
करीब 15 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित घाट निर्माण का कार्य कई दिनों से बंद पड़ा है। निर्माण कार्य अधूरा रहने के कारण जहां ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से खतरा भी बढ़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण एजेंसी को काम शुरू करने से पहले सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने चाहिए थे। विशेष रूप से तालाब जैसे सार्वजनिक स्थान पर, जहां बच्चों और महिलाओं सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचते हैं, निर्माण स्थल को सुरक्षित रखना जरूरी है।
गुणवत्ता पर भी उठ रहे सवाल
ग्रामीणों के बीच निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही सामग्री और गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की संबंधित विभाग द्वारा जांच की जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि स्वीकृत राशि के अनुरूप निर्धारित मापदंडों के अनुसार निर्माण कराया जा रहा है या नहीं।
हालांकि, निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों की वास्तविक स्थिति तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
बारिश के कारण रुका काम, जल्द शुरू कराने का दावा
इस संबंध में उपसरपंच कृष्णकुमार सोनी ने बताया कि घाट का निर्माण कार्य अभी प्रगति पर है। बारिश और मजदूरी की समस्या के कारण काम रुका हुआ है। संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए निर्माण स्थल के आसपास बैरिकेडिंग कराई जाएगी। बारिश का मौसम समाप्त होते ही निर्माण कार्य पुनः तेजी से शुरू कराया जाएगा।
सुरक्षा इंतजाम की मांग
ग्रामीणों ने पंचायत एजेंसी से निर्माणाधीन घाट के आसपास तत्काल प्रभावी बैरिकेडिंग कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने तक स्थल को सुरक्षित करना जरूरी है, ताकि तालाब में आने-जाने वाले लोगों को किसी प्रकार का खतरा न रहे।
अब देखना यह होगा कि पंचायत स्तर पर ग्रामीणों की मांग पर कितनी जल्दी सुरक्षा व्यवस्था की जाती है और अधूरे घाट निर्माण को कब तक पूरा कराया जाता है।









































