केंद्र की नीतियों के खिलाफ सीपीआई का हल्ला बोल महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली का आह्वान

---Advertisement---

केंद्र की नीतियों के खिलाफ सीपीआई का हल्ला बोल

महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली का आह्वान

‘बदलाव जरूरी है’ पदयात्रा के जरिए जनता को जागरूक करने का अभियान, किसानों, मजदूरों और छात्रों से बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचने की अपील

https://youtu.be/N_od7K5oz2Y?si=4qhS0PYGmpn85Xah

जमुना-कोतमा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में देशव्यापी जन-आंदोलन का ऐलान करते हुए महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, किसानों और मजदूरों के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। इसी क्रम में भालूमाड़ा स्थित वीआईपी गेस्ट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य हरिद्वार सिंह ने केंद्र सरकार की आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में व्यवस्था परिवर्तन की आवश्यकता है और इसी उद्देश्य से पार्टी ‘बदलाव जरूरी है’ अभियान के तहत 6 अगस्त से 14 अगस्त तक देशभर में व्यापक पदयात्रा निकाल रही है।

हरिद्वार सिंह ने कहा कि इस पदयात्रा का उद्देश्य पिछले एक दशक में केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों को जनता के बीच उजागर करना तथा आम लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे आम नागरिकों का जीवन कठिन हो गया है

उन्होंने कहा कि डीजल और पेट्रोल की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है तथा रसोई गैस सिलेंडर के दाम भी कई गुना बढ़ चुके हैं। इसका सीधा असर गरीब और मध्यम वर्ग की जेब पर पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि आम परिवारों के लिए घर का बजट संभालना मुश्किल हो गया है और सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल रही है।

बेरोजगारी और पेपर लीक पर सरकार को घेरा

सीपीआई नेता ने युवाओं की बेरोजगारी को देश की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि रोजगार के अवसर लगातार घट रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दस वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की अनेक घटनाओं ने लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित किया है। उनके अनुसार छात्रों ने जब बेरोजगारी और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन किया तो उन पर पुलिस बल का प्रयोग किया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए कानून तो बनाया, लेकिन आंदोलन में शामिल छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस नहीं लिया गया। इससे युवाओं में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

सरकार के रवैये पर भी उठाए सवाल

हरिद्वार सिंह ने सरकार के कार्य करने के तरीके पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज को दबाने का प्रयास नहीं होना चाहिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ की एक नाबालिग बच्ची से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अभद्र भाषा का समर्थन नहीं किया जा सकता, लेकिन किसी नाबालिग पर दबाव बनाना भी उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति को सम्मान मिलना चाहिए।

भ्रष्टाचार और सामाजिक योजनाओं पर लगाए आरोप

पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि देश में भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है और गरीबों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पूरी तरह नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पात्र हितग्राहियों को वृद्धावस्था एवं विधवा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ भी समय पर नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आम लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है।

किसानों और मजदूरों की समस्याओं का उठाया मुद्दा

हरिद्वार सिंह ने किसानों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है जबकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा पूरा नहीं हुआ।

मजदूरों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि नए लेबर कोड लागू होने से श्रमिकों के अधिकार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रमिक हितों की अनदेखी की जा रही है और असंगठित क्षेत्र के मजदूर सबसे अधिक प्रभावित हैं।

1 सितंबर को रामलीला मैदान में होगी विशाल रैली

सीपीआई नेता ने बताया कि महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, किसानों और मजदूरों से जुड़े मुद्दों को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी 1 सितंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल जनसभा आयोजित करेगी। उन्होंने कहा कि देशभर से लाखों किसानों, मजदूरों, छात्रों और आम नागरिकों के इस रैली में शामिल होने की उम्मीद है।

उन्होंने सभी वर्गों से बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया। उनके अनुसार यह आंदोलन जनहित के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने और सरकार तक जनता की आवाज पहुंचाने का प्रयास है।

पत्रकार वार्ता में उपस्थित पार्टी पदाधिकारियों ने भी केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि आगामी दिनों में जनसंपर्क अभियान और पदयात्रा के माध्यम से गांव-गांव और शहर-शहर जाकर लोगों को आंदोलन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment