जैतहरी में एसडीएम और वन विभाग की संयुक्त चौपाल, हाथी प्रभावितों को 15 दिन में मुआवजे का आश्वासन

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जैतहरी में एसडीएम और वन विभाग की संयुक्त चौपाल, हाथी प्रभावितों को 15 दिन में मुआवजे का आश्वासन

ग्राम पड़रिया के चोई में ग्रामीणों को हाथियों से बचाव के गुर बताए गए

जैतहरी, अनूपपुर वन परिक्षेत्र जैतहरी अंतर्गत हाथी विचरण क्षेत्र ग्राम पंचायत पड़रिया के ग्राम चोई में एसडीएम कमलेश पुरी और तहसीलदार के नेतृत्व में वन विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त जन चौपाल आयोजित की गई।

चौपाल में मुख्य रूप से जैतहरी एसडीएम कमलेश पुरी, तहसीलदार, पटवारी, ग्राम पंचायत पड़रिया के सरपंच, सचिव, वन परिक्षेत्र अधिकारी जैतहरी रेंजर विवेक मिश्रा, डिप्टी रेंजर संतोष श्रीवास्तव, वन रक्षक, कोटवार सहित ग्राम चोई और पड़रिया के सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत में एसडीएम कमलेश पुरी और तहसीलदार ने ग्रामीणों की राजस्व और वन विभाग से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से सुना। ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों द्वारा फसल और मकानों को नुकसान पहुंचाए जाने के बाद मापन और मुआवजा राशि में काफी देरी होती है।

इस पर तहसीलदार ने मौके पर ही पटवारियों को निर्देशित किया और स्पष्ट आश्वासन दिया कि *सभी हितग्राहियों के लंबित प्रकरणों का मापन कर 15 दिवस के भीतर भुगतान की प्रक्रिया पूरी करवा दी जाएगी।* उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि किसी भी कार्य के लिए वे सीधे तहसील या एसडीएम कार्यालय में संपर्क करें, बिचौलियों के चक्कर में न पड़ें।

वहीं वन विभाग की ओर से रेंजर विवेक मिश्रा ने हाथियों से बचाव के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि –
1. हाथियों से कम से कम 200 मीटर की सुरक्षित दूरी बनाकर रखें
2. हाथियों को शांतिपूर्वक आगे बढ़ने दें, उनके रास्ते में बाधा न बनें
3. हाथियों से किसी भी प्रकार की छेड़खानी न करें
4. हाथी दिखाई देने पर तुरंत ही वन विभाग को सूचित करें।

 

डिप्टी रेंजर संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग द्वारा हाथी प्रभावित गांवों में लगातार मुनादी कराई जा रही है और व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से हाथियों की वर्तमान लोकेशन की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई जा रही है। रात्रि में खेतों में अकेले न जाने और बच्चों व बुजुर्गों को शाम के बाद घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई।

एसडीएम कमलेश पुरी ने अंत में ग्रामीणों से शासन-प्रशासन का सहयोग करने और वन्यजीव संरक्षण में भागीदारी निभाने की अपील की।

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