अनूपपुर 28 सितंबर 2026- शासन की किसान हितैषी योजनाएं ग्रामीण अंचलों में किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव की नई इबारत लिख रही हैं। अनूपपुर विकासखंड के ग्राम भाद निवासी किसान श्री प्रेमलाल केवट इसकी प्रेरणादायी मिसाल हैं। कृषि विभाग की आत्मा परियोजना सहित कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाया और खेती को परिवार की समृद्धि एवं आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बनाया।
श्री प्रेमलाल केवट के पास 2.5 एकड़ कृषि भूमि है। उन्होंने बताया कि परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत उन्हें गेहूं एवं धान की खेती के लिए स्प्रिंकलर तथा जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए उद्यानिकी विभाग से ड्रिप शेड की सुविधा प्राप्त हुई। आधुनिक सिंचाई संसाधनों और विभागीय मार्गदर्शन से खेती के कार्यों में सुविधा मिली तथा कृषि को अधिक व्यवस्थित एवं लाभकारी बनाने में सहायता प्राप्त हुई।
कृषि में नवाचार और आधुनिक तकनीक को अपनाने के लिए वर्ष 2025-26 में उन्हें स्वावलंबी कृषि के लिए सात दिवसीय प्रशिक्षण हेतु पंजाब भेजा गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों, कम समय में बेहतर उत्पादन तथा कृषि से अधिक आय अर्जित करने की विभिन्न पद्धतियों की जानकारी प्राप्त की। प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को उन्होंने अपनी खेती में अपनाया, जिससे उन्हें कृषि कार्य में नई दिशा मिली। आज श्री प्रेमलाल केवट को कृषि कार्य से प्रतिवर्ष लगभग 3 से 4 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है। कृषि से होने वाली आय से वे अपने परिवार का भरण-पोषण करने के साथ बच्चों की शिक्षा तथा बेटी के विवाह के लिए भी राशि संचित कर रहे हैं। उनके लिए खेती अब केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि परिवार के उज्ज्वल भविष्य और आर्थिक स्वावलंबन का माध्यम बन गई है।
अनूपपुर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के दौरान श्री प्रेमलाल केवट को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से संवाद करने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री से संवाद के इस अवसर को उन्होंने अपने जीवन का गौरवपूर्ण और अविस्मरणीय क्षण बताते हुए कहा कि शासन की योजनाओं, आधुनिक कृषि संसाधनों, प्रशिक्षण और विभागीय मार्गदर्शन से उन्हें खेती में आगे बढ़ने का अवसर मिला है। श्री प्रेमलाल केवट ने इस बदलाव के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि शासन की योजनाओं का लाभ लेकर किसान खेती को नई तकनीक से जोड़कर न केवल अपनी आय बढ़ा सकते हैं, बल्कि अपने परिवार को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में भी मजबूत कदम बढ़ा सकते हैं।



































































