अनूपपुर। रेलवे प्रशासन द्वारा अनूपपुर रेलवे जंक्शन को ISO-2026 अवार्ड दिए जाने के बाद जहां एक ओर स्टेशन को आधुनिक और स्मार्ट स्वरूप देने का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर यात्रियों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं की स्थिति गंभीर सवाल खड़े कर रही है। स्टेशन परिसर में रंग-बिरंगी रोशनी, आकर्षक दीवारें और बाहरी सौंदर्यीकरण जरूर दिखाई दे रहा है, लेकिन यात्रियों की दैनिक आवश्यकताओं और सुविधाओं की हालत आज भी बदहाल बनी हुई है।
कांग्रेस पार्टी अनूपपुर के जिला महामंत्री सत्येंद्र स्वरूप दुबे सहित नगर के अनेक जागरूक नागरिकों एवं यात्रियों ने रेल प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा है कि स्टेशन के सामने लगभग 150 मीटर लंबी दीवार खड़ी कर पीओपी एवं आधुनिक लाइटिंग से सजावट कर दी गई, परंतु यात्रियों के लिए जरूरी व्यवस्थाएं अब भी नदारद हैं।
उन्होंने कहा कि प्लेटफॉर्म नंबर-1 से प्लेटफॉर्म नंबर-3 एवं 4 की ओर जाने वाली सीढ़ियां विगत 5-6 वर्षों से बंद पड़ी हुई हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं दिव्यांगजनों के लिए प्लेटफॉर्म नंबर-3 एवं 4 तक पहुंचने का रास्ता भी टूटा हुआ है, जो संवेदनहीनता का परिचायक है।
यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि स्टेशन परिसर में शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है। लगे हुए वाटर कूलर गंदगी से भरे रहते हैं तथा पेयजल आपूर्ति दूषित होने की शिकायत लगातार सामने आ रही है। यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त वेटिंग चेयर तक उपलब्ध नहीं हैं।
स्टेशन के बाहर सार्वजनिक सुलभ कॉम्प्लेक्स नहीं होने से महिला यात्रियों एवं परिजनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यही कारण है कि स्टेशन के सामने का क्षेत्र दुर्गंधयुक्त बना रहता है और लोग खुले स्थानों का उपयोग करने को मजबूर हैं, जो किसी भी आधुनिक रेलवे स्टेशन की छवि पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।
नागरिकों ने कहा कि जिस स्टेशन पर आज तक समुचित फुट ओवरब्रिज, प्रतीक्षालय, धूप एवं बारिश से बचाव की पर्याप्त व्यवस्था, प्लेटफॉर्म नंबर-3 एवं 4 पर टिकट घर और स्वच्छ शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकीं, उस स्टेशन को ISO अवार्ड मिलना आम जनता के लिए आश्चर्य का विषय है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अनूपपुर स्टेशन केवल बाहरी सौंदर्यीकरण तक सीमित होकर रह गया है। वास्तविक जरूरत यात्रियों की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं की है। रेलवे को एस्केलेटर, स्वच्छ पेयजल, प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाने, पर्याप्त प्रतीक्षालय, महिला एवं दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं, पार्किंग व्यवस्था में सुधार तथा साधारण श्रेणी के यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च कर स्टेशन को रंगीन रोशनी और सजावट से तो सुसज्जित किया जा रहा है, लेकिन गरीब एवं मध्यमवर्गीय यात्रियों की मूलभूत समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले यात्री खुले प्लेटफॉर्म पर ट्रेन का इंतजार करने को मजबूर हैं।
नगरवासियों एवं जनप्रतिनिधियों ने मंडल रेल प्रबंधक (DRM) तथा रेल मंत्रालय से मांग की है कि केवल दिखावटी विकास के बजाय अनूपपुर रेलवे स्टेशन की वास्तविक आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाए और स्टेशन को वास्तव में यात्रियों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुविधायुक्त बनाया जाए।





































