हरी साड़ियों में सजी ताम्रकार समाज की महिलाएं, सावन उत्सव में झूम उठा कोतमा

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हरी साड़ियों में सजी ताम्रकार समाज की महिलाएं, सावन उत्सव में झूम उठा कोतमा

गीत-संगीत, नृत्य और प्रतियोगिताओं के बीच महिलाओं ने मनाया सावन महोत्सव, भारतीय संस्कृति की दिखी खूबसूरत झलक

कोतमा। सावन के पावन महीने में चारों ओर हरियाली और उमंग के बीच कोतमा में ताम्रकार समाज की महिलाओं ने पारंपरिक रंग और उत्साह के साथ सावन महोत्सव मनाया। राखी ताम्रकार के घर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में समाज की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। हरी साड़ियों, हरी चूड़ियों और आकर्षक श्रृंगार में सजी महिलाओं ने सावन की मनोहारी छटा बिखेरते हुए भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं की खूबसूरत झलक प्रस्तुत की।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं में उत्साह और उमंग देखते ही बना। सावन की थीम पर आयोजित इस आयोजन में गीत-संगीत, नृत्य, मनोरंजक प्रतियोगिताओं और झूले का आनंद लेते हुए महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा कीं। पूरे आयोजन स्थल पर सावन के पारंपरिक रंग और उल्लास का माहौल बना रहा।

भजनों और सावन गीतों से हुई कार्यक्रम की शुरुआत

सावन महोत्सव की शुरुआत धार्मिक भजनों एवं सावन के पारंपरिक गीतों के साथ हुई। महिलाओं ने सामूहिक रूप से भजन और सावन गीत प्रस्तुत किए। इसके बाद गीत-संगीत का दौर आगे बढ़ा तो महिलाएं नृत्य करने के लिए भी उत्साहित नजर आईं।

सावन गीतों की मधुर धुनों पर महिलाओं ने जमकर नृत्य किया और कार्यक्रम को यादगार बना दिया। इस दौरान हंसी-मजाक और आपसी मेल-मिलाप के बीच महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ खुशियों के पल साझा किए।

हरे रंग में नजर आई सावन की खूबसूरत छटा

आयोजन की खासियत महिलाओं का पारंपरिक सावन श्रृंगार रहा। अधिकांश महिलाएं हरी साड़ियों और हरी चूड़ियों के साथ आकर्षक श्रृंगार में नजर आईं। हरे रंग की साड़ियों और चूड़ियों से सजा कार्यक्रम स्थल सावन की हरियाली का प्रतीक नजर आया।

महिलाओं ने सावन की परंपरा और भारतीय संस्कृति से जुड़े पहनावे को अपनाकर आयोजन को विशेष रूप दिया। सावन के गीत, पारंपरिक श्रृंगार और उत्साह से माहौल पूरी तरह उत्सवमय बना रहा।

झूले का भी लिया आनंद

सावन उत्सव में विशेष रूप से झूले की व्यवस्था की गई थी। महिलाओं ने बारी-बारी से झूले का आनंद लिया और सावन की पारंपरिक यादों को ताजा किया। झूले के दौरान महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

आयोजन में विभिन्न मनोरंजक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिताओं के दौरान हंसी-खुशी और मनोरंजन का दौर चलता रहा।

आपसी सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश

सावन महोत्सव केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इस आयोजन ने समाज की महिलाओं को एक साथ आने, आपसी मेलजोल बढ़ाने और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने का अवसर भी प्रदान किया। महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ मिलकर त्योहार की खुशियां बांटीं और आयोजन को यादगार बनाया।

महिलाओं का कहना रहा कि इस तरह के सामूहिक आयोजन भारतीय संस्कृति और पारंपरिक पर्वों को जीवंत बनाए रखने के साथ-साथ समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और एकजुटता को भी मजबूत करते हैं।

ये महिलाएं रहीं मौजूद

कार्यक्रम में वैशाली ताम्रकार, प्रियंका ताम्रकार, लाली ताम्रकार, रेखा ताम्रकार, रानी ताम्रकार, शिखा ताम्रकार, मीता ताम्रकार, सुष्मिता ताम्रकार, पिंकी ताम्रकार सहित ताम्रकार समाज की अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं।

सावन के पारंपरिक रंग में रंगे इस आयोजन में महिलाओं ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ सहभागिता निभाई। गीत-संगीत, नृत्य, झूले और मनोरंजक गतिविधियों के बीच आयोजित सावन महोत्सव ने सभी के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी और कार्यक्रम आनंदमय माहौल में संपन्न हुआ।

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