एमजीएम स्कूल ने रचा सफलता का स्वर्णिम इतिहास आईसीएसई एवं आईएससी परीक्षा परिणामों में लहराया श्रेष्ठता का परचम, क्षेत्र को किया गौरवान्वित

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अनूपपुर। एमजीएम हायर सेकेंडरी स्कूल धनपुरी ने एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता का परचम लहराते हुए नया इतिहास रच दिया है। काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई), नई दिल्ली द्वारा घोषित वर्ष 2026 के आईसीएसई एवं आईएससी परीक्षा परिणामों में विद्यालय के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन कर न केवल विद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि अनुशासन, समर्पण और श्रेष्ठ मार्गदर्शन के साथ सफलता के हर शिखर को प्राप्त किया जा सकता है।

 

विद्यालय के परीक्षा परिणाम इस वर्ष अत्यंत गौरवपूर्ण रहे। कक्षा 10वीं आईसीएसई परीक्षा में विद्यालय का परिणाम 99.5 प्रतिशत रहा, जबकि कक्षा 12वीं आईएससी परीक्षा में 98 प्रतिशत विद्यार्थी सफल होकर विद्यालय की उत्कृष्ट शैक्षणिक परंपरा को आगे बढ़ाने में सफल रहे। इन परिणामों ने शिक्षा जगत में एमजीएम स्कूल की प्रतिष्ठा को और अधिक मजबूत किया है।

 

मेधावी विद्यार्थियों ने बढ़ाया विद्यालय का मान

 

कक्षा 10वीं विज्ञान संकाय में सृजन कुमार जायसवाल ने 99 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया और नया कीर्तिमान स्थापित किया। वहीं मेहुल कुमार गुप्ता ने 97.4 प्रतिशत तथा सत्यम गुप्ता ने 95.6 प्रतिशत अंक अर्जित कर क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार में हर्ष का वातावरण है।

 

वाणिज्य संकाय में भी विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रभात सिंह ने 92 प्रतिशत, अर्शी शेख ने 91.8 प्रतिशत तथा आसिफा निशा ने 80.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।

 

कक्षा 12वीं आईएससी परीक्षा में विज्ञान संकाय से स्नेहा एलिजाबेथ जॉन, कुमारी श्रेया पाहन एवं यश कुमार गुप्ता ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय को गौरवान्वित किया। वहीं वाणिज्य संकाय में आर्यन शर्मा ने 95.25 प्रतिशत, यशिका आसवानी ने 92 प्रतिशत तथा मान्यता डोडानी ने 87 प्रतिशत अंक अर्जित कर सफलता का नया अध्याय लिखा।

 

विद्यालय के कुल 10 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक तथा 16 विद्यार्थियों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, जो विद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की मेहनत का प्रमाण माना जा रहा है।

 

संस्कार और शिक्षा का संगम बना एमजीएम स्कूल

 

एमजीएम शिक्षण संस्थान देशभर में अनुशासन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं चरित्र निर्माण के लिए पहचाने जाते हैं। धनपुरी स्थित विद्यालय भी इसी परंपरा का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। विद्यालय के प्राचार्य फादर जॉबी पीटर के कुशल नेतृत्व एवं दूरदर्शी सोच ने विद्यार्थियों को सफलता की नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

 

प्राचार्य फादर जॉबी पीटर ने इस उपलब्धि को “ऐतिहासिक गौरव” बताते हुए कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों के कठिन परिश्रम, शिक्षकों के समर्पण एवं अभिभावकों के अटूट विश्वास का सामूहिक परिणाम है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल अंक प्राप्त कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना है ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों के साथ कर सकें।

 

विद्यालय की उप-प्राचार्या श्रीमती जॉर्जिया ग्रेस, प्रबंधन समिति एवं शिक्षक-अभिभावक संघ ने भी विद्यार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। प्रबंधन ने शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि जिस प्रकार एक जौहरी हीरे को तराशता है, उसी प्रकार शिक्षकों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारकर उन्हें सफलता के शिखर तक पहुंचाया है।

 

क्षेत्र के लिए प्रेरणा बने परिणाम

 

आईसीएसई बोर्ड अपनी कठिन पाठ्यचर्या और उच्च शैक्षणिक मानकों के लिए जाना जाता है। ऐसे प्रतिष्ठित बोर्ड में धनपुरी जैसे क्षेत्र से इतने शानदार परिणाम आना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय माना जा रहा है। एमजीएम स्कूल ने यह सिद्ध कर दिया है कि शिक्षा के प्रति सच्ची निष्ठा और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

 

विद्यालय की इस ऐतिहासिक सफलता पर पूरे नगर में खुशी का माहौल है तथा अभिभावक, नागरिक एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा विद्यार्थियों और विद्यालय परिवार को लगातार बधाइयाँ दी जा रही हैं।

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