ईसीएल अस्पताल में कैंसर उपचार की नई उपलब्धि, निवोलुमैब इम्यूनोथेरेपी का सफल प्रयोग
सांक्टोरिया अस्पताल पूर्वी भारत में उन्नत कैंसर उपचार केंद्र के रूप में उभर रहा

सांक्टोरिया, 3 जून। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के सांक्टोरिया अस्पताल ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए निवोलुमैब-आधारित इम्यूनोथेरेपी उपचार सफलतापूर्वक प्रदान किया है। इस उपलब्धि से अस्पताल की ऑन्कोलॉजी सेवाओं को नई मजबूती मिली है तथा कैंसर रोगियों के लिए आधुनिक उपचार सुविधाओं का विस्तार हुआ है

अस्पताल में इम्यूनोथेरेपी सेवाएं शुरू होने के बाद यह दूसरा सफल उपचार है, जबकि पहली बार निवोलुमैब दवा का उपयोग किया गया है। निवोलुमैब आधुनिक इम्यूनोथेरेपी की एक प्रभावी दवा है, जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार के कैंसरों के उपचार में किया जाता है।
जानकारी के अनुसार पेट के मेटास्टेटिक कार्सिनोमा से पीड़ित मरीज में कई चरणों के उपचार के बावजूद बीमारी बढ़ती रही। इसके बाद चिकित्सकों ने पांचवें चरण के उपचार के रूप में कीमोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी के संयुक्त प्रयोग का निर्णय लिया। उपचार में नैनो एल्ब्यूमिन-बाउंड पैक्लिटैक्सेल और निवोलुमैब दवाओं का उपयोग किया गया।
मरीज ने उपचार का पहला चरण रेफरल अस्पताल में तथा दूसरा चरण सांक्टोरिया अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग की निगरानी में पूरा किया। इस सफलता ने अस्पताल की विशेषज्ञता और जटिल कैंसर उपचार प्रदान करने की क्षमता को प्रमाणित किया है।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार इम्यूनोथेरेपी कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी तकनीक है, जो गंभीर और जटिल कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। सांक्टोरिया अस्पताल में निवोलुमैब का सफल उपयोग उन्नत चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह उपलब्धि न केवल ईसीएल की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को दर्शाती है, बल्कि सांक्टोरिया अस्पताल को पूर्वी भारत में विशेष कैंसर उपचार के उभरते केंद्र के रूप में भी स्थापित करती है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि भविष्य में भी कैंसर मरीजों को अत्याधुनिक और सुलभ उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास जारी रहेंगे।






































