दुखित परिवार में पहुंचे संत-महात्मा, पिता सहित परिजनों को दिया धैर्य और शक्ति का आशीर्वाद
संवाददाता / श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में पंडित गणेश पाठक के बड़े सुपुत्र समाजसेवी , मिलनसार पंडित ऋषि पाठक के आकस्मिक निधन से शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने के लिए नगर के संत-महात्मा और भारी संख्या में नगर के गणमान्यजन उनके निवास पहुंचे । लगभग तेरह दिन पूर्व अस्पताल में उपचार के दौरान पंडित ऋषि पाठक का असामयिक निधन हो गया था , जिसके बाद उनकी पत्नी , तीनों बच्चों , माता-पिता एवं समस्त परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा ।
सोमवार को आयोजित त्रयोदशी कार्यक्रम के अवसर पर अमरकंटक के विभिन्न आश्रमों से संत-महात्मा स्वयं उनके निवास पर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में धैर्य , साहस एवं आध्यात्मिक संबल प्रदान किया । संतों ने परिवारजनों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन और मृत्यु ईश्वर की इच्छा के अधीन हैं तथा विपरीत परिस्थितियों में धैर्य और विश्वास के साथ आगे बढ़ना ही सच्ची श्रद्धांजलि है
संतों के आगमन से परिवार को भावनात्मक संबल मिला । उपस्थित लोगों ने संतों का सम्मान कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया । संत-महात्माओं ने परिवार के दिवंगत सदस्य की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए परिजनों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की
इस अवसर पर प्रमुख रूप से महामंडलेश्वर स्वामी रामभूषण दास जी महाराज (शांति कुटी) , स्वामी धर्मानंद जी महाराज (श्री कल्याण सेवा आश्रम) , स्वामी नर्मदानंद जी महाराज गीता स्वाध्याय आश्रम , राधेश्याम उपाध्याय , मोलेराम शर्मा , पंडित छोटे महाराज , पंडित सुनील दुबे , नर्मदा मंदिर के पुजारी पंडित सहित अनेक संत , जनमानस उपस्थित रहे



































































