- दुकानों के बाहर सामान फैलाने और अतिक्रमण से बचें व्यापारी, यातायात सुचारू रखने में करें सहयोग
मनेन्द्रगढ़। आगामी दीपावली पर्व और राज्योत्सव को देखते हुए जिले के बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ और यातायात के दबाव को ध्यान में रखते हुए एमसीबी कैट के जिलाध्यक्ष रघुनाथ पोद्दार ने जिले के सभी व्यापारियों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान बाजारों में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिये पहुंचते हैं। ऐसे में व्यापारियों की जिम्मेदारी है कि वे अपनी दुकानों के आसपास व्यवस्था बनाये रखें ताकि आम नागरिकों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े।
रघुनाथ पोद्दार ने व्यापारियों से आग्रह किया कि वे अपनी दुकानों के बाहर सामान फैलाकर ना रखें और सड़क, फुटपाथ अथवा सार्वजनिक आवागमन के स्थानों पर अतिक्रमण करने से बचें। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ जाती है। यदि दुकानों के बाहर सामान रख दिया जाता है तो सड़कें संकरी हो जाती हैं और इससे यातायात बाधित होने के साथ ही पैदल चलने वाले लोगों को भी असुविधा होती है।
उन्होंने कहा कि दीपावली खुशियों, उत्साह और आपसी सद्भाव का पर्व है वहीं राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और गौरव को प्रदर्शित करने का अवसर है। ऐसे महत्वपूर्ण अवसरों पर जिले के बाजारों में स्वच्छता, सुव्यवस्था और अनुशासन बनाये रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। व्यापारी वर्ग बाजार की व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कैट जिलाध्यक्ष ने कहा कि व्यापारियों को अपने व्यावसायिक हितों के साथ साथ आम नागरिकों की सुविधा का भी ध्यान रखना चाहिये। दुकानों के सामने अनावश्यक रूप से सामान रखने से बचें, ग्राहकों के वाहनों के कारण यातायात प्रभावित ना हो इसका भी ध्यान रखें तथा प्रशासन और यातायात पुलिस द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करें। उन्होंने जिले के सभी व्यापारियों से अपील की कि वे आपसी सहयोग और जिम्मेदारी के साथ त्योहारों के दौरान बाजारों की व्यवस्था बनाये रखने में योगदान दें। उन्होंने कहा कि व्यवस्थित बाजार ना केवल ग्राहकों को बेहतर सुविधा प्रदान करते हैं बल्कि जिले की सकारात्मक छवि भी प्रस्तुत करते हैं।
रघुनाथ पोद्दार ने कहा कि बाजार की व्यवस्था बनाये रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि व्यापारी और आम नागरिक सभी की साझा जिम्मेदारी है। सभी के सहयोग से दीपावली और राज्योत्सव के दौरान बाजारों में सुचारू यातायात, बेहतर व्यवस्था और सौहार्दपूर्ण वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने व्यापारियों से जिले की गरिमा बनाये रखने और जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय देने का आह्वान किया।






































































