बरसात शुरू होते ही बढ़ा सर्पदंश का खतरा, 10 दिनों में दो की मौत

---Advertisement---

बरसात शुरू होते ही बढ़ा सर्पदंश का खतरा, 10 दिनों में दो की मौत

 

पांच पीड़ितों का अस्पताल में उपचार जारी, सर्पमित्रों ने 25 सांपों का किया सुरक्षित रेस्क्यू

 

कोयलांचल समाचार के लिए रिपोर्टर शशिधर अग्रवाल

 

अनूपपुर। जिले में मानसून की दस्तक और बीच-बीच में हो रही वर्षा के साथ ही सर्पदंश की घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बीते 10 दिनों के दौरान जहरीले सांपों के काटने से पांच लोगों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कर उपचार दिया गया, जबकि उपचार में देरी होने के कारण दो लोगों की मौत हो गई। बढ़ती घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

 

जानकारी के अनुसार भीषण गर्मी के बाद हो रही बारिश के कारण जमीन के भीतर रहने वाले विभिन्न प्रजातियों के सांप और अन्य जीव-जंतु भोजन की तलाश में बड़ी संख्या में बाहर निकल रहे हैं। यही कारण है कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सर्पों की आवाजाही बढ़ गई है और लोगों का उनसे सामना होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

 

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले 10 दिनों में सर्पदंश के पांच पीड़ितों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कर उपचार किया गया। वहीं दो मामलों में पीड़ितों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका, जिसके चलते उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों का कहना है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचना जीवन बचाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

 

इधर जिला मुख्यालय अनूपपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय सर्पमित्रों और सर्प प्रहरियों ने लोगों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सर्पमित्र शशिधर अग्रवाल, छोटेलाल यादव, मनोज यादव, धर्मेंद्र यादव एवं लालदास सिंह द्वारा पिछले 10 दिनों में 25 सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें वन क्षेत्र में छोड़ा गया।

 

रेस्क्यू किए गए सांपों में 11 कोबरा, 3 अत्यंत जहरीले करैत (डंडा करायल), 1 रसल वाइपर, 1 बैंडेड करैत (अहिराज) सहित अजगर, दामन और अन्य सामान्य प्रजातियों के सर्प शामिल हैं। अधिकांश सांप आवासीय क्षेत्रों, घरों और खेतों के आसपास पाए गए थे।

 

जिला कलेक्टर हर्षल पंचोली ने जिलेवासियों से वर्षाकाल के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सांप काटने की स्थिति में पीड़ित को तुरंत नजदीकी शासकीय अस्पताल पहुंचाएं और किसी भी प्रकार की अफवाह या अंधविश्वास से बचें। कलेक्टर ने जिले के सभी शासकीय अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम सहित आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने तथा सर्पदंश पीड़ितों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि वर्षा ऋतु के दौरान घरों और आसपास की साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई तथा रात के समय टॉर्च का उपयोग जैसे छोटे-छोटे उपाय सर्पदंश की घटनाओं को काफी हद तक रोक सकते हैं। प्रशासन और सर्पमित्रों की सक्रियता के बावजूद लोगों की सतर्कता ही इस खतरे से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment