बीपीएम से डीपीएम और अब MPPSC तक राकेश कर्ष का सफर

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बीपीएम से डीपीएम और अब MPPSC तक राकेश कर्ष का सफर

सहायक प्रबंधक परीक्षा में चयन, जमुना कालरी के निवासी ने मेहनत और लगन से रचा सफलता का नया अध्याय

अनूपपुर। जिले के जमुना कालरी निवासी राकेश कुमार कर्ष ने निरंतर मेहनत, संघर्ष और समर्पण के दम पर सफलता का नया अध्याय लिखा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सतना में जिला कार्यक्रम प्रबंधक के पद पर कार्यरत राकेश कुमार कर्ष का मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक प्रबंधक परीक्षा 2024 में चयन हुआ है। आयोग द्वारा जारी चयन सूची में उनका नाम क्रमांक 43 पर शामिल है।

राकेश कर्ष की यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने शासकीय सेवा की जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी जारी रखी और अपने लक्ष्य को हासिल किया। उनका सफर उन युवाओं और शासकीय कर्मचारियों के लिए प्रेरणा बनकर सामने आया है, जो नौकरी के साथ अपने बड़े सपनों को पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं।

2009 में बीपीएम के रूप में शुरू हुआ सफर

राकेश कुमार कर्ष ने वर्ष 2009 में बीपीएम नागौद के रूप में अपने शासकीय सेवा जीवन की शुरुआत की। शुरुआती दौर से ही उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े दायित्वों को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाया। सेवा के दौरान अलग-अलग पदों पर काम करते हुए उन्होंने प्रशासनिक एवं प्रबंधन संबंधी अनुभव हासिल किया।

वर्ष 2022 से 2024 तक विकासखंड पुष्पराजगढ़ में पदस्थ रहते हुए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न कार्यों में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। इसके बाद उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राज्य कार्यालय में राज्य सलाहकार के रूप में कार्य करने का अवसर मिला।

वर्तमान में राकेश कुमार कर्ष राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सतना में जिला कार्यक्रम प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। इसी दौरान उन्होंने अपने व्यस्त शासकीय दायित्वों के बीच प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को जारी रखा।

नौकरी के साथ तैयारी, फिर MPPSC में सफलता

राकेश कर्ष की सफलता की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने शासकीय सेवा के साथ अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को निरंतर जारी रखा। काम की जिम्मेदारियों के बीच समय निकालकर उन्होंने परीक्षा की तैयारी की और अंततः मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की सहायक प्रबंधक परीक्षा 2024 में चयन हासिल किया।

उनका यह सफर बताता है कि किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए केवल परिस्थितियां अनुकूल होना जरूरी नहीं, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और निरंतर प्रयास भी सफलता की राह तैयार करते हैं।

अनूपपुर और सतना में खुशी का माहौल

राकेश कुमार कर्ष के MPPSC में चयन की खबर सामने आने के बाद अनूपपुर और सतना स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। सहकर्मियों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

जमुना कालरी जैसे क्षेत्र से निकलकर स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हुए मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की चयन सूची तक पहुंचना स्थानीय युवाओं के लिए भी प्रेरणादायी उपलब्धि मानी जा रही है।

युवाओं के लिए प्रेरणा बना सफर

राकेश कुमार कर्ष की सफलता उन युवाओं और शासकीय सेवकों के लिए विशेष संदेश देती है, जो नौकरी या अन्य जिम्मेदारियों के कारण अपने प्रतियोगी परीक्षा के सपने को अधूरा छोड़ देते हैं। उनका सफर बताता है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसके लिए लगातार मेहनत की जाए तो जिम्मेदारियों के बीच भी सफलता हासिल की जा सकती है।

बीपीएम के रूप में शुरू हुआ उनका करियर डीपीएम तक पहुंचा और अब मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की चयन सूची में स्थान बनाकर उन्होंने अपने पेशेवर सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ दी है।

राकेश कुमार कर्ष की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि अनूपपुर के जमुना कालरी क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय है। उनकी मेहनत, संघर्ष और निरंतर प्रयास निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

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