अटल चौपाटी पर गूंजे स्वर्णिम दौर के नगमे, ‘सुनहरी यादें’ ने बांधा संगीत का समां

---Advertisement---

अटल चौपाटी पर गूंजे स्वर्णिम दौर के नगमे, ‘सुनहरी यादें’ ने बांधा संगीत का समां

मुकेश के दर्दभरे नगमों से लेकर रफी, किशोर, लता और आशा के सदाबहार गीतों ने श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध — दिवंगत संगीतप्रेमियों को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

कोतमा। नगर के संगीत प्रेमियों की ओर से शनिवार को अटल चौपाटी में ‘सुनहरी यादें—संगीतमयी’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शाम ढलते ही शुरू हुए इस सांगीतिक आयोजन में हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर के सदाबहार गीतों की मधुर धुनें गूंज उठीं। पुराने फिल्मी गीतों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रोताओं को बीते दौर की यादों में पहुंचा दिया और देर तक अटल चौपाटी संगीत की सुरमयी फिजा से सराबोर रही।

कार्यक्रम में कोतमा सहित आसपास के क्षेत्रों के स्थानीय कलाकारों के साथ बाहर से आमंत्रित कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों ने महान पार्श्वगायकों मुकेश, मोहम्मद रफी, किशोर कुमार, लता मंगेशकर और आशा भोसले के लोकप्रिय एवं सदाबहार गीतों को अपनी आवाज में प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं।

सदाबहार गीतों ने ताजा की पुरानी यादें

‘सुनहरी यादें’ कार्यक्रम की खासियत रही कि इसमें कलाकारों ने अपनी पसंद के गीतों को मंच के माध्यम से श्रोताओं तक पहुंचाया। मुकेश के दर्दभरे नगमों से लेकर मोहम्मद रफी की सुरीली आवाज, किशोर कुमार के रोमांटिक एवं मस्तीभरे गीतों तथा लता मंगेशकर और आशा भोसले के लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

एक के बाद एक प्रस्तुतियों के दौरान श्रोता पुराने दौर के संगीत में खोए नजर आए। गीतों के साथ जुड़ी पुरानी यादों ने वातावरण को भावुक और आत्मीय बना दिया। कई श्रोताओं ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का उत्साहपूर्वक आनंद लेते हुए तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया।

स्थानीय कलाकारों ने दी शानदार प्रस्तुतियां

कार्यक्रम में मनोज सोनी, संजय सराफ, संदीप शिवहरे, शरद समुद्रे, अमीन वारसी, प्रकाश शिवहरे, बृजकिशोर, रमाकांत शुक्ला, अनीश अहमद, लकी जैन, हरिओम, सोनू, अमन, आरती, आफरीन, सचिन तिवारी, नीलेन्द्र तिवारी और पंकज मोटवानी सहित अन्य कलाकारों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियां दीं।

कलाकारों ने अलग-अलग अंदाज में स्वर्णिम दौर के गीतों को प्रस्तुत किया। आयोजन का उद्देश्य संगीत प्रेमियों को पुराने हिंदी फिल्मी संगीत से जोड़ने के साथ ही स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच उपलब्ध कराना भी रहा।

दिवंगत संगीतप्रेमियों को दी श्रद्धांजलि

कार्यक्रम के दौरान नगर में संगीत से जुड़े रहे दिवंगत कलाकारों एवं संगीतप्रेमियों को भी याद किया गया। उमाशंकर नामदेव, शिवकुमार गुप्ता, सजन तोमर, गोविंद शीतपाल और रवि गुप्ता सहित अन्य दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इस अवसर पर संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान और संगीत के प्रति उनके लगाव को स्मरण करते हुए उपस्थित लोगों ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि के इस भावुक क्षण ने कार्यक्रम को केवल मनोरंजन तक सीमित न रखते हुए उसे स्मृति और संवेदना से भी जोड़ दिया।

संगीत की सुरमयी शाम बनी यादगार

अटल चौपाटी पर आयोजित ‘सुनहरी यादें—संगीतमयी’ कार्यक्रम ने कोतमा के संगीतप्रेमियों को एक ऐसा अवसर दिया, जहां नई पीढ़ी के साथ पुराने संगीत के चाहने वाले भी एक साथ नजर आए। सदाबहार गीतों की प्रस्तुतियों ने माहौल को खुशनुमा बनाने के साथ हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम संगीत युग की यादों को भी जीवंत कर दिया।

कार्यक्रम में देर शाम तक संगीत की महफिल सजी रही और श्रोताओं ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया। आयोजन की सफलता ने यह भी साबित किया कि समय बदलने के बावजूद पुराने दौर के गीतों की लोकप्रियता आज भी कायम है और उनकी मधुरता लोगों को उसी आत्मीयता से अपनी ओर आकर्षित करती है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment