अनूपपुर-शहडोल सीमा में हाथियों की दहशत बरकरार
गांवों और जंगलों में लगातार विचरण कर रहे पांच हाथी, ग्रामीणों में भय का माहौल
कोयलांचल समाचार के लिए रिपोर्टर शशिधर अग्रवाल
अनूपपुर। अनूपपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में जंगली हाथियों की लगातार मौजूदगी से ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना हुआ है। मंगलवार 12 मई को प्राप्त जानकारी के अनुसार अनूपपुर जिले की सीमा में चार हाथी तथा छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही क्षेत्र में एक बड़ा दंतैल हाथी लगातार विचरण कर रहा है। वन विभाग द्वारा हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है तथा ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
जानकारी के अनुसार पहला दंतैल हाथी मंगलवार को अनूपपुर से लगभग 8 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत खांड़ा के खोलगढ़ी गांव के जंगल में दिनभर विश्राम करता रहा। देर रात हाथी कठना नदी पार कर शहडोल जिले की ग्राम पंचायत रामपुर अंतर्गत बैरिहा गांव पहुंच गया। वर्तमान समय में यह हाथी ग्राम पंचायत पड़रिया क्षेत्र में कठना नदी के समीप घोघरा घाट के पास भोले केवट के घर के आसपास विचरण करता देखा गया है। हाथी की लगातार गतिविधियों के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल व्याप्त है।
वहीं दूसरी ओर तीन हाथियों का समूह लगातार पांचवें दिन जैतहरी वन परिक्षेत्र के जंगलों में सक्रिय बना हुआ है। यह समूह वन परिक्षेत्र, थाना एवं तहसील जैतहरी अंतर्गत धनगवा बीट के ग्राम पंचायत पड़रिया एवं कुकुरगोड़ा के बीच चोई के भलुवान टोला तथा बेल्हाटोला क्षेत्र के आमापानी जंगल के आसपास विचरण कर रहा है। वन विभाग के अनुसार देर रात तक हाथियों के जंगल से बाहर निकलने की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई थी।
इधर तीसरा बड़ा दंतैल हाथी, जो कुछ दिन पूर्व जैतहरी क्षेत्र से छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन मंडल में प्रवेश कर गया था, वर्तमान में घुसरिया एवं आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है। जानकारी के अनुसार हाथी दिन में लंगरा डोंगरी जंगल में विश्राम करने के बाद देर शाम घुसरिया के पटेल टोला होते हुए चिचगोहना एवं कुम्हारी के मध्य श्री अरुण राय के खेत में पहुंच गया, जहां उसने धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। बताया गया है कि यह क्षेत्र अनूपपुर जिले की सीमा से लगभग 20 से 25 किलोमीटर दूर स्थित है।
लगातार हाथियों के विचरण से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। वन विभाग द्वारा लोगों से अपील की गई है कि हाथियों के नजदीक न जाएं तथा किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल वन अमले को दें। विभागीय टीम लगातार हाथियों की निगरानी कर रही है ताकि किसी प्रकार की जनहानि या अप्रिय घटना को रोका जा सके।






































