अमरकंटक नर्मदा मंदिर में 301 घृत ज्योतियां प्रज्वलित , 301 कलश स्थापित कर बोए गए जवारे
शारदीय नवरात्रि का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ शुभारंभ , नौ दिनों तक मंदिर में होंगे विशेष पूजन-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान
संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
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अमरकंटक – मां नर्मदा की पावन उद्गम स्थली / पवित्र धार्मिक-आध्यात्मिक तीर्थ नगरी अमरकंटक में शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ श्रद्धा , भक्ति और वैदिक परंपराओं के अनुरूप हुआ ।
नर्मदा उद्गम मंदिर में नवरात्रि के प्रथम दिवस 301 घृत ज्योतियां प्रज्वलित की गईं तथा 301 कलशों की स्थापना कर विधि-विधानपूर्वक जवारे बोए गए । घृत ज्योतियों के प्रकाश , कलश स्थापना और जवारा रोपण के साथ मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा ।
नवरात्रि के प्रथम दिवस शाम 5 बजे नर्मदा मंदिर के पुजारीयो के मार्गदर्शन में धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ हुआ । वैदिक मंत्रोच्चार के बीच घृत ज्योतियां प्रज्वलित की गईं । इसके पश्चात विधि-विधान से कलश स्थापना कर जवारे बोए गए । इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा के पावन दरबार में पूजा-अर्चना कर सुख , शांति , समृद्धि और लोककल्याण की कामना की ।
घृत ज्योति और जवारा रोपण का विशेष महत्व
सनातन धर्म में शारदीय नवरात्रि को आदिशक्ति मां दुर्गा की आराधना , साधना और उपासना का विशेष पर्व माना जाता है । इन नौ दिनों में मां भगवती के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है । नवरात्रि के प्रथम दिवस कलश स्थापना के साथ नौ दिवसीय साधना का संकल्प लिया जाता है । वहीं घृत ज्योति प्रज्वलित करना श्रद्धा , शुभता और आध्यात्मिक प्रकाश का प्रतीक माना जाता है । जवारा रोपण की परंपरा प्रकृति , नवजीवन , समृद्धि और मंगलमय भविष्य की कामना से जुड़ी हुई है
मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है । यहां मां नर्मदा को जीवनदायिनी नदी के साथ देवी स्वरूप में भी पूजनीय माना जाता है । ऐसे पावन तीर्थ में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर घृत ज्योतियों का प्रज्वलन , कलश स्थापना और जवारा रोपण श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है
नौ दिनों तक होंगे पूजन-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान
शारदीय नवरात्रि के दौरान नर्मदा उद्गम मंदिर में नौ दिनों तक विशेष पूजन-पाठ , देवी आराधना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे । श्रद्धालु मां नर्मदा के दर्शन कर दीप अर्पित करेंगे तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामनाएं मां के चरणों में समर्पित करेंगे । नवरात्रि के पावन अवसर पर मंदिर में भक्ति और साधना का क्रम जारी रहेगा
301 घृत ज्योतियों के प्रकाश और 301 कलशों की स्थापना के साथ शुरू हुई नवरात्रि की आराधना ने अमरकंटक की धार्मिक नगरी में आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण निर्मित कर दिया है । मां नर्मदा की पावन धरा पर शुरू हुआ यह नौ दिवसीय पर्व श्रद्धा , शक्ति उपासना और सनातन परंपराओं के प्रति आस्था का संदेश दे रहा है








































































