उत्पाती बंदरों ने बिगाड़ी करोड़ों की विद्युती साज सज्जा , फीका पड़ रहा रामसेतु का सौंदर्य
संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली पवित्र नगरी अमरकंटक जो मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्र एवं धार्मिक-आध्यात्मिक तीर्थस्थल है । अमरकंटक में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने रामघाट स्थित रामसेतु (झूला पुल) की भव्य विद्युत सज्जा उत्पाती बंदरों के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है । नगर परिषद अमरकंटक के वार्ड क्रमांक 10 में स्थित इस पुल का निर्माण मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था। पुल को आकर्षक स्वरूप प्रदान करने के लिए अत्याधुनिक रंगीन विद्युत झालरों एवं प्रकाश व्यवस्था से सजाया गया था, जिसकी लागत भी लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक आंकी जा रही है ।
बताया जाता है कि पिछले कुछ समय से बंदरों के लगातार उत्पात के कारण रामसेतु पर लगी विद्युत झालरों , केबलों एवं सजावटी लाइटों को जगह-जगह से कुतर दिया गया है । परिणामस्वरूप पूरी प्रकाश व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई है । स्थिति यह है कि संध्या होते ही पुल पर केवल इक्का-दुक्का लाइटें ही जलती दिखाई देती हैं। कुछ माह के पूर्व तक यह सेतु रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाता रहता था और श्रद्धालुओं व पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ था ।
स्थानीय लोगों के अनुसार विद्युत सज्जा मुश्किल से एक माह तक ही अपनी पूर्ण चमक बिखेर सकी होगी इसके बाद बंदरों और देखरेख की अव्यवस्था ने उसे लगभग पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया । इससे शाम और रात्रि के समय रामसेतु का मनोहारी दृश्य देखने आने वाले पर्यटकों तथा तीर्थयात्रियों को निराशा का सामना करना पड़ रहा है ।
जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम ने निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद रामसेतु को नगर परिषद अमरकंटक के सुपुर्द कर दिया था । वर्तमान में नगर परिषद ही इसके संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी निभा रही है । हालांकि क्षतिग्रस्त विद्युत तारों और उपकरणों के कारण सुरक्षा की दृष्टि से भी चिंता बढ़ गई है । यदि समय रहते मरम्मत एवं आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो किसी अप्रिय दुर्घटना की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता ।
शांति कुटी आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी रामभूषण दास जी महाराज ने बताया कि अमरकंटक में लंबे समय से बंदरों का भारी उत्पात मचा हुआ है , तीर्थ यात्रियों , पर्यटकों को काटने और नुकसान पहुंचाने का मामला अनेकों बार आ चुका जिस कारण प्रशाशन इन बंदरों की व्यवस्था को दुरुस्त करे ।
नगरवासियों ने भी जिला प्रशासन , मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम तथा नगर परिषद अमरकंटक से मांग की है कि रामसेतु की विद्युत व्यवस्था का शीघ्र नवीनीकरण कर उसे पुनः आकर्षक स्वरूप प्रदान किया जाए , ताकि यह धार्मिक एवं पर्यटन स्थल अपनी पूर्व की भव्यता के साथ पुनः पर्यटकों और श्रद्धालुओं का स्वागत कर सके ।



































