अमरकंटक में “गणपति बप्पा की भावपूर्ण विसर्जन ,
ढोल नगाड़ों साथ 50 से अधिक प्रतिमाओं का बने कुंड में आरती और जयकारा के बीच दी बिदाई
संवाददाता / श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में गणेशोत्सव के समापन के साथ विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश को भावपूर्ण विदाई दी जा रही है । “गणपति बप्पा मोरया , अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष , ढोल-नगाड़ों की गूंज और भक्तिमय माहौल के बीच श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य देव का विधिवत विसर्जन किया । अब तक अमरकंटक के विसर्जन कुंड में 50 से अधिक गणेश प्रतिमाओं का श्रद्धापूर्वक विसर्जन किया जा चुका है ।
भाद्रपद शुक्ल पक्ष द्वादशी और त्रयोदशी के दौरान अमरकंटक तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गणेश प्रतिमाओं को लेकर विसर्जन स्थल पहुंचे । बुधवार को एक दर्जन से अधिक तथा गुरुवार को लगभग 35 से 40 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया । विसर्जन से पूर्व श्रद्धालुओं ने विधिवत आरती , पूजन एवं प्रार्थना कर भगवान गणेश से सुख-समृद्धि , आरोग्य और परिवार की मंगलकामना की
विसर्जन यात्रा के दौरान सुसज्जित वाहनों , भक्ति गीतों , ढोल नगाड़ों और जयकारों से पूरा वातावरण गणेशमय बना रहा । श्रद्धालुओं ने नाचते-गाते और उत्साहपूर्वक अपने प्रिय गणपति बप्पा को विदाई दी । वहीं विदाई के इन भावुक क्षणों में भक्तों की आंखों में अगले वर्ष पुनः गणपति आगमन की प्रतीक्षा भी साफ दिखाई दी
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक प्रारंभ होने से पूर्व श्रद्धालुओं ने हवन-पूजन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए , जिसके बाद प्रतिमा विसर्जन का क्रम शुरू हुआ । गणेशोत्सव के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश से सभी पर अपनी कृपा बनाए रखने तथा क्षेत्र , प्रदेश और देश में सुख , शांति एवं समृद्धि की कामना की ।
अनंत चतुर्दशी तक प्रतिमा विसर्जन का क्रम जारी रहने की संभावना है । ऐसे में अमरकंटक के विसर्जन कुंड पर आगामी दिनों में भी श्रद्धालुओं की आस्था , भक्ति और उत्साह का यह दृश्य देखने को मिलेगा
इस विसर्जन कुंड पर की सारी व्यवस्था नगर परिषद द्वारा की जाती है जिसमें तैनात कर्मचारी पूरी सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखते है और पुलिस विभाग द्वारा भी चौतरफा निगरानी बनाए रखती है


































































