संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक जो मां नर्मदा की उद्गम स्थली के रूप में प्रसिद्ध है जहां आज सोमवार दिनांक 20 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया एवं भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर एक विशेष धार्मिक घटना देखने को मिली ।
इंदौर निवासी अमजद खान ने मां नर्मदा उद्गम मंदिर में संतों , पुजारियों और ब्राह्मणों की उपस्थिति में सनातन हिंदू धर्म को अपनाया । इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी रामभूषण दास जी महाराज शांति कुटी सहित नर्मदा मंदिर पुजारी पंडित उमेश द्विवेदी , पंडित कामता प्रसाद द्विवेदी , पंडित उत्तम द्विवेदी , पंडित धनेश द्विवेदी , पंडित श्रेयांक द्विवेदी , पंडित जुगुल किशोर द्विवेदी , पंडित मयंक द्विवेदी , पंडित रूपेश द्विवेदी , पंडित आकाश द्विवेदी सहित आदि उपस्थित रहे ।
हिंदू धर्म स्वीकार के बाद पुराना नाम अमजद खान की जगह नया नाम ‘रामदास’ रखा गया । नाम करण के बाद रामदास ने बताया कि वे पहले से ही हिंदू धर्म के प्रति अपनी आस्था और विश्वास रखते थे और पूजा-पाठ करते रहे हैं । उन्होंने कहा कि वे अपनी इच्छा से सनातन धर्म को अपने जीवन में अपना रहे हैं और आगे भी इसके सिद्धांतों का पालन करेंगे । उन्होंने स्वयं को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि नर्मदा परिक्रमा के दौरान उन्हें अमरकंटक जैसी पवित्र नगरी में नया जीवन और नई पहचान मिली है ।
इस अवसर पर स्वामी रामभूषण दास जी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म में सभी जीवों के प्रति करुणा और अहिंसा का भाव सिखाया जाता है और यह समस्त विश्व को एक परिवार मानने की प्रेरणा देता है । उन्होंने रामदास का सनातन धर्म में आने से उनका स्वागत किया है ।
रामदास ने भी भगवान परशुराम जयंती पर मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली से भव्य शोभायात्रा निकाली गई जिसमें वे शामिल हुये साथ ही सैकड़ों ब्राह्मण , संत , नगरवासी सहित भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए ।















































