- गुड टच-बैड टच से लेकर साइबर ठगी तक की दी गई जानकारी, नाबालिगों को वाहन नहीं चलाने की समझाइश
खड़गवां। बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों और बदलते दौर में सामने आ रही साइबर चुनौतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एमसीबी जिला पुलिस द्वारा सुरक्षित बचपन अभियान के तहत शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला खड़गवां में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। 5 नवंबर को आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों को भी महिला एवं बाल सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय बताए गये।
पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा और पुलिस अधीक्षक जिला एमसीबी श्रीमती रत्ना सिंह के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल विश्वकर्मा और नगर पुलिस अधीक्षक चिरमिरी रवि कुमार कुजूर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश कुमार जायसवाल ने किया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों, महिला सुरक्षा और लैंगिक अपराधों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। छात्र-छात्राओं को गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाते हुए बताया गया कि किसी भी असहज या गलत व्यवहार की स्थिति में चुप रहने के बजाय अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा पुलिस को तत्काल इसकी जानकारी दें साथ ही ऐसे मामलों की सूचना नजदीकी थाने में अथवा अभिव्यक्ति ऐप के माध्यम से देने की प्रक्रिया भी समझाई गई।

बदलते डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए विद्यार्थियों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई। पुलिस टीम ने अनजान नंबरों से आने वाली कॉल, संदिग्ध मैसेज, वीडियो कॉल, एपीके फाइल और अनजान वेबसाइट के लिंक से होने वाली धोखाधड़ी के बारे में बताया। इसके अलावा साइबर बुलिंग, ओटीपी फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, एटीएम कार्ड एवं डेबिट कार्ड से जुड़ी ठगी के तरीकों की जानकारी देते हुए बचाव के उपाय भी साझा किये गये।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी या निजी विवरण साझा नहीं करना चाहिये। साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देर किये हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई।
इस दौरान विद्यार्थियों को यातायात नियमों के पालन का महत्व बताते हुए नाबालिग बच्चों को वाहन नहीं चलाने की समझाइश दी गई। किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में तत्काल पुलिस सहायता प्राप्त करने के लिये डायल 112 की सुविधा के बारे में भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश कुमार जायसवाल, सहायक उप निरीक्षक शेष नारायण सिंह, प्रशिक्षु उप निरीक्षक सोमी वर्मा तथा त्रिलोक साहू सहित विद्यालय के शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
पुलिस की इस पहल का उद्देश्य बच्चों को केवल अपराधों की जानकारी देना ही नहीं बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना और किसी भी अप्रिय परिस्थिति में बेझिझक मदद मांगने के लिये प्रोत्साहित करना रहा। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम बच्चों के लिये सुरक्षित वातावरण तैयार करने और समाज में सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।




























