अपराध समीक्षा बैठक में एसपी हरीश राठौर सख्त, लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश
थाने पहुंचने वाले फरियादियों से सम्मानजनक व्यवहार करें पुलिसकर्मी, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की शिकायतों को प्राथमिकता देने पर जोर
कोरिया। जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों के निराकरण और पुलिसिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर ने 11 अक्टूबर को रक्षित केंद्र के कॉन्फ्रेंस हॉल में अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिले के समस्त थाना चौकी प्रभारी, विवेचक और विभिन्न पुलिस इकाइयों के अधिकारियों को लंबित अपराध, चालान, मर्ग और शिकायतों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिये गये। एसपी ने स्पष्ट किया कि थाने में अपनी समस्या लेकर आने वाले किसी भी व्यक्ति को निराश होकर नहीं लौटना चाहिये। शिकायतकर्ताओं के साथ शालीन और सौहार्दपूर्ण व्यवहार करते हुए उन्हें की गई कार्यवाही की जानकारी भी दी जाये
बैठक के दौरान एसपी ने पुलिस मुख्यालय, पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त निर्देशों और परिपत्रों के पालन की समीक्षा की। जिन मामलों में पालन प्रतिवेदन लंबित है उन्हें तत्काल पूरा करने के निर्देश दिये गये। इसके साथ ही सभी थाना, चौकी और रक्षित केंद्र प्रभारियों को वरिष्ठ कार्यालयों से जारी निर्देशों की जानकारी पुलिस गणना के दौरान कर्मचारियों को देने के लिये कहा गया।
लंबित मामलों के निराकरण में लापरवाही ना हो
अपराध समीक्षा के दौरान एसपी ने सभी थानों के आंकड़ों का क्रमवार निरीक्षण करते हुए विवेचकों से लंबित अपराध, चालान, मर्ग और एक माह से अधिक समय से लंबित शिकायतों की जानकारी ली। उन्होंने क्राइम पेंडेंसी कम करने के लिये प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया साथ ही विवेचना की गुणवत्ता में सुधार कर न्यायालय में दोषसिद्धि की दर बढ़ाने के लिये गंभीरता से प्रयास करने के निर्देश दिये।
एसपी ने कहा कि विवेचना केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहनी चाहिये बल्कि प्रत्येक मामले में साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर उच्च स्तर की जांच की जाये। राजपत्रित अधिकारी अपने अधीनस्थ विवेचकों के कार्यों का उचित बंटवारा करें और उनकी विवेचनाओं की नियमित समीक्षा भी करें।
अवैध कारोबार, जुआ-सट्टा और नशे के खिलाफ कार्यवाही
बैठक में जिले में संचालित अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश भी दिये गये। एसपी ने जुआ, सट्टा, अवैध शराब, नशीली दवाओं के कारोबार और कोयला चोरी जैसी गतिविधियों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कार्यवाही करने को कहा। लघु अधिनियमों और आर्म्स एक्ट के तहत नियमित कार्यवाही करने के साथ प्रतिबंधात्मक कार्यवाही में बाउंड ओवर की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये
चोरी, नकबजनी, गृहभेदन और साइबर अपराधों को प्राथमिकता से लेते हुए इन मामलों के शीघ्र निराकरण पर विशेष जोर दिया गया। निगरानी बदमाशों और गुंडा बदमाशों की गतिविधियों पर नजर रखने, उन्हें थाने बुलाकर पूछताछ करने और उनके निवास स्थान पर जाकर नियमित जांच करने के निर्देश भी दिये गये।
तेज रफ्तार और नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर सख्ती
यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिये एसपी ने थाना प्रभारियों को अपने अपने क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिये। तीन सवारी बैठाकर तेज रफ्तार से वाहन चलाने, अनावश्यक हॉर्न बजाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले दोपहिया वाहन चालकों के खिलाफ चालानी कार्यवाही बढ़ाने को कहा गया। मालवाहक वाहनों में यात्रियों को बैठाने वालों पर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिये गये। उन्होंने अधिकारियों से पैदल मार्च, कॉम्बिंग गश्त और शाम के समय क्षेत्र में सक्रिय पुलिसिंग सुनिश्चित करने को कहा। राजपत्रित अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र के थानों का नियमित भ्रमण करने और समय समय पर औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिये गये।
नवरात्रि में मंदिरों और पूजा पंडालों के आसपास रहेगी निगरानी
नवरात्रि पर्व को देखते हुए एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये। गरबा स्थलों, दुर्गा पूजा पंडालों और प्रमुख मंदिरों के आसपास लगातार पेट्रोलिंग और पुलिस की दृश्य उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया। डीजे और लाउडस्पीकर के उपयोग में निर्धारित समय सीमा एवं ध्वनि मानकों का पालन कराने के निर्देश दिये गये। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में महिला सुरक्षा बल की तैनाती, अतिरिक्त पेट्रोलिंग और असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखने के साथ शराब पीकर वाहन चलाने तथा स्टंट और तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने को कहा गया ताकि पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।
हर बीट की जानकारी रखें आरक्षक
पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर ने कहा कि प्रत्येक आरक्षक को अपने बीट क्षेत्र की कानून व्यवस्था और अपराध संबंधी गतिविधियों की जानकारी होनी चाहिये। किसी भी महत्वपूर्ण घटना या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई जाये। उन्होंने थाना प्रभारियों और रक्षित निरीक्षक को स्वयं पुलिस गणना लेने के निर्देश देते हुए पुलिसकर्मियों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने को कहा
उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों से संबंधित शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही करने तथा प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया। एसपी ने कहा कि थाने में ही शिकायतकर्ता की उचित सुनवाई होनी चाहिये ताकि उसे अपनी समस्या लेकर वरिष्ठ कार्यालयों तक जाने की आवश्यकता ना पड़े
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह, एसडीओपी मोहसीन खान, उप पुलिस अधीक्षक अजाक नेलशन कुजूर, उप पुलिस अधीक्षक श्याम मधुकर सहित जिले के समस्त थाना-चौकी प्रभारी, विवेचक, यातायात प्रभारी, साइबर सेल, सीसीटीएनएस, महिला सेल, कंट्रोल रूम, डीएसबी और पुलिस अधीक्षक के रीडर उपस्थित रहे







































































