अमरकंटक के मां नर्मदा उद्गम पर जगतगुरू शंकराचार्य जी ने टेका माथा ,
मंदिर पुजारियों ने कराया विशेष पूजन , गूंजे वैदिक मंत्र
श्री मार्कण्डेय आश्रम में हुआ भव्य पादुका पूजन एवं संत समागम

संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में सोमवार को उस समय आध्यात्मिक आभा से आलोकित हो उठी , जब द्वारका शारदा पीठाधीश्वर अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज मां नर्मदा मंदिर पहुंचे और विधि-विधान के साथ दर्शन-पूजन कर मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त किया । उनके आगमन से संपूर्ण नर्मदा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया ।
जगद्गुरु शंकराचार्य के मंदिर पहुंचने पर पुजारीगण एवं सेवायतों ने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका भव्य स्वागत एवं सम्मान किया । मां नर्मदा के समक्ष विशेष पूजन-अर्चन संपन्न हुआ , जिसमें लोककल्याण , राष्ट्र की सुख-समृद्धि तथा विश्व शांति की कामना की गई ।
शंकराचार्य जी ने मां नर्मदा के पावन उद्गम का दर्शन कर श्रद्धालुओं को सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया ।
संतों के सान्निध्य से दिव्यता से भर उठा नर्मदा धाम
इस अवसर पर श्री मार्कण्डेय आश्रम के अग्निपीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर ब्रह्मऋषि स्वामी रामकृष्णानंद जी महाराज , स्वामी नर्मदानंद जी महाराज सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे । संतों के सान्निध्य से नर्मदा मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति भाव से ओतप्रोत दिखाई दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जगद्गुरु के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया । नर्मदा मंदिर पुजारियों ने स्वामी जी को मां का प्रसाद दिया ।
श्री मार्कण्डेय आश्रम में हुआ पादुका पूजन
नर्मदा मंदिर में पूजन-अर्चन के पश्चात जगद्गुरु शंकराचार्य श्री मार्कण्डेय आश्रम पहुंचे , जहां आश्रम परिवार एवं शिष्यों द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया । आश्रम परिसर में वैदिक परंपरा के अनुसार पादुका पूजन का आयोजन हुआ । श्रद्धालुओं ने गुरु परंपरा के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त करते हुए श्रद्धाभाव से पादुकाओं का पूजन किया और संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया ।
पादुका पूजन कार्यक्रम में रामनरेश दुबे एवं गिरिजाशंकर पाण्डेय सपरिवार विशेष रूप से उपस्थित रहे । उन्होंने विधिवत पूजन कर जगद्गुरु शंकराचार्य तथा संत-महात्माओं का आशीर्वाद लिया ।
कार्यक्रम के दौरान गुरु-शिष्य परंपरा की अनुपम झलक देखने को मिली , जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से अभिभूत कर दिया ।
अमरकंटक में सनातन संस्कृति का अनुपम संगम
मां नर्मदा मंदिर में वैदिक मंत्रों की गूंज और श्री मार्कण्डेय आश्रम में गुरु-भक्ति के भाव ने पूरे आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया । श्रद्धालुओं ने जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज की अमरकंटक यात्रा को अत्यंत पुण्यदायी एवं ऐतिहासिक अवसर बताया । संतों के इस दिव्य संगम ने एक बार फिर अमरकंटक की धार्मिक , सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया ।







































































