बंदियों के बीच पहुंचा न्यायिक दल, जेल की व्यवस्थाओं की जानी जमीनी हकीकत
उप जेल मनेन्द्रगढ़ में भोजन से लेकर विधिक सहायता तक का निरीक्षण, भेदभाव की नहीं मिली शिकायत

एमसीबी। उप जेल मनेन्द्रगढ़ में बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और उनके अधिकारों की स्थिति जानने के लिये शनिवार को न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने जेल का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बंदियों से सीधे संवाद कर जेल की व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति जानी।
यह निरीक्षण राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देश और उच्चतम न्यायालय के रिट पिटीशन सुकन्या संस्था विरुद्ध यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य में दिये गये निर्देशों के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बैकुंठपुर और डिस्ट्रिक्ट विजिटर्स बोर्ड द्वारा किया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष योगेश पारिक, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनेन्द्रगढ़ लोकेश कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अमृता दिनेश मिश्रा, कलेक्टर संतन देवी जांगड़े और पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह सहित अन्य सदस्यों ने जेल की विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
बंदियों से आमने सामने हुई बातचीत
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बंदियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। चिकित्सा सुविधा, भोजन, स्वच्छता, शौचालय, बैरक और अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में उनसे जानकारी ली गई साथ ही यह भी पूछा गया कि क्या उन्हें समय पर विधिक सहायता मिल रही है या किसी स्तर पर कोई परेशानी सामने आ रही है। बंदियों से बातचीत के दौरान जेल में जातिगत, सामाजिक अथवा अन्य किसी प्रकार के भेदभाव की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली गई। निरीक्षण दल के अनुसार इस दौरान किसी प्रकार का जातिगत या अन्य भेदभाव सामने नहीं आया।
भोजन की गुणवत्ता और साफ सफाई पर विशेष नजर
निरीक्षण दल ने जेल परिसर की साफ सफाई, बैरकों और बंदियों के लिये बनाये गये शौचालयों की स्थिति का जायजा लिया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और कलेक्टर ने बंदियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की और भोजन व्यवस्था को लेकर बंदियों से फीडबैक लिया।
इसके साथ ही जेल में संचालित लीगल एड क्लीनिक का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने देखा कि बंदियों को उनके प्रकरणों में आवश्यक विधिक सहायता किस प्रकार उपलब्ध कराई जा रही है। निरीक्षण के दौरान पैनल अधिवक्ता विनोद पासी और पैरालीगल वॉलेंटियर उपस्थित रहे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार उप जेल मनेन्द्रगढ़ का प्रत्येक तिमाही निरीक्षण किया जाता है। इसका उद्देश्य जेल में बंद व्यक्तियों के साथ किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकने के साथ साथ उनके लिये आवश्यक विधिक सेवाओं और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।


































































