तीन दिन में मिली लापता नाबालिग, कोतवाली पुलिस ने सकुशल परिजनों को सौंपा
15 सितंबर से घर से लापता थी 16 वर्षीय बालिका, पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय कर शुरू की थी तलाश
अनूपपुर। कोतवाली पुलिस ने नाबालिग बालिका के लापता होने के मामले में तत्परता दिखाते हुए तीन दिनों के भीतर उसे दस्तयाब कर सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया। 16 वर्षीय बालिका के घर से लापता होने के बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी। पुलिस की सक्रियता और लगातार पतासाजी के बाद बालिका को खोजने में सफलता मिली।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनूपपुर के वार्ड क्रमांक 2 पटोरा टोला निवासी आवेदिका ने 17 सितंबर 2026 को थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री 15 सितंबर से घर से बिना बताए कहीं चली गई है। परिजनों द्वारा तलाश किए जाने के बावजूद बालिका का पता नहीं चलने पर पुलिस से मदद मांगी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 511/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की।
मुखबिर तंत्र सक्रिय कर शुरू की तलाश
पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अनूपपुर नवीन तिवारी के निर्देशन में मामले की जांच और बालिका की तलाश के लिए थाना प्रभारी निरीक्षक संजय अशोक एक्का के नेतृत्व में तत्काल पुलिस टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और लगातार पतासाजी शुरू की। संभावित स्थानों पर तलाश और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने बालिका को दस्तयाब करने के प्रयास किए। पुलिस की तत्परता से तीन दिनों के भीतर 16 वर्ष 6 माह की बालिका उमा परिवर्तित नाम को दस्तयाब कर लिया गया।
सकुशल परिजनों के सुपुर्द की गई बालिका
पुलिस ने बालिका को सकुशल बरामद करने के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बालिका के मिलने से परिजनों को राहत मिली। मामले में आगे की वैधानिक कार्यवाही पृथक से की जाएगी।
पुलिस टीम की रही सराहनीय भूमिका
इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक संजय अशोक एक्का, विवेचक प्रधान आरक्षक नितिन नामदेव तथा थाना कोतवाली के पुलिस स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लापता नाबालिग को तीन दिनों के भीतर खोजकर सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाया जा सका।


































































