हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का दुर्लभ संयोग, कोतमा में उमड़ा आस्था का सैलाब
घर-घर विराजे गणपति, पंडालों में गूंजे जयकारे; बाजारों में देर रात तक रही जबरदस्त चहल-पहल
रिपोर्टर भरत मिश्रा, कोतमा
कोतमा। सोमवार को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का एक ही दिन संयोग होने से कोतमा नगर में सुबह से ही धार्मिक उत्साह और चहल-पहल का माहौल बना रहा। एक ओर महिलाओं ने हरतालिका तीज का निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना की, वहीं दूसरी ओर गणेश चतुर्थी के अवसर पर घरों और सार्वजनिक पंडालों में प्रथम पूज्य भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना की गई।
धार्मिक दृष्टि से हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का एक ही दिन पड़ना श्रद्धालुओं के लिए विशेष अवसर रहा। इस संयोग के चलते नगर के बाजारों, मंदिरों और पूजा स्थलों पर दिनभर रौनक देखने को मिली। सुबह से लेकर देर रात तक लोग पूजा सामग्री, फल, फूल, सजावट का सामान और गणेश प्रतिमाओं की खरीदारी करते नजर आए।
बप्पा के जयकारों से गूंजा नगर
गणेश चतुर्थी के साथ ही सोमवार से गणेशोत्सव का शुभारंभ हो गया। नगर सहित कोयलांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धालु ढोल-बाजों के साथ भगवान गणेश की प्रतिमाएं लेकर अपने घरों और सार्वजनिक पंडालों तक पहुंचे। जगह-जगह गणपति बप्पा के जयकारे और आरती की गूंज सुनाई दी।
श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर प्रतिमाओं को विराजमान किया। सार्वजनिक गणेश उत्सव समितियों द्वारा पहले से ही पंडालों की आकर्षक सजावट की गई थी। प्रतिमा स्थापना के बाद पंडालों में आरती और धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो गया।
गांधी चौक से स्टेशन चौक तक बाजार में रौनक
गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज के चलते कोतमा के प्रमुख बाजारों में जमकर भीड़ रही। गांधी चौक, आजाद चौक, महावीर मार्ग, स्टेशन चौक, पुराना अस्पताल रोड और पोस्ट ऑफिस रोड सहित अन्य बाजार क्षेत्रों में पूजन सामग्री, फल-फूल और सजावट के सामान की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ सुबह से देर रात तक बनी रही।
बाजार में गणेश प्रतिमाएं खरीदने पहुंचे श्रद्धालुओं के कारण वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। ढोल-नगाड़ों के साथ प्रतिमाएं ले जाते श्रद्धालु और गणपति बप्पा के जयकारे आकर्षण का केंद्र रहे।
रविवार से शुरू हो गया था प्रतिमाएं ले जाने का सिलसिला
नगर सहित कोयलांचल और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गणेश प्रतिमाओं को ले जाने का सिलसिला रविवार से ही शुरू हो गया था। सोमवार को मूर्तिकारों के यहां सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। लोग अपनी पसंद और आवश्यकता के अनुसार प्रतिमाओं का चयन कर ढोल-बाजों के साथ उन्हें घर और पंडालों तक लेकर पहुंचे।
कई श्रद्धालु परिवार सहित प्रतिमा लेने पहुंचे। बच्चों और युवाओं में गणेश प्रतिमा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रतिमा को घर ले जाने के दौरान रास्ते में बप्पा के जयकारे लगते रहे।
देर रात तक चलता रहा स्थापना और पूजन का दौर
नगर के विभिन्न हिस्सों में सार्वजनिक समितियों द्वारा आकर्षक पंडाल सजाए गए हैं। सोमवार को अलग-अलग स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना और पूजा-अर्चना का दौर देर रात तक चलता रहा। घरों में भी श्रद्धालुओं ने शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश को विधि-विधान से विराजमान किया।
गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के साथ ही दस दिवसीय गणेशोत्सव का उत्साह नगर में दिखाई देने लगा है। आने वाले दिनों में विभिन्न पंडालों में पूजा-अर्चना, आरती, भजन-कीर्तन और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अनंत चतुर्दशी तक चलेगा गणेशोत्सव
गणेशोत्सव गणेश चतुर्थी से शुरू होकर अनंत चतुर्दशी तक चलेगा। इस दौरान कोतमा नगर सहित कोयलांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में घरों एवं सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की नियमित पूजा-अर्चना की जाएगी। हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी के एक साथ आने से सोमवार का दिन नगरवासियों के लिए आस्था, भक्ति और उत्सव का विशेष अवसर बन गया।



































































