कोयला भवन मुख्यालय, बीसीसीएल में आज केंद्रीय सलाहकार समिति (सीसीसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सीएमडी बीसीसीएल श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने की। इस अवसर पर निदेशक (वित्त/मानव संसाधन) श्री राजेश कुमार, निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) श्री राजीव कुमार सिन्हा सहित कोयला भवन मुख्यालय के महाप्रबंधकगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
बैठक में माननीय विधायक सह बीसीसीएल सीसीसी बोर्ड के सदस्य श्री शत्रुघ्न महतो (UCWU), श्री आर. तिवारी (BCMU), श्री गोपाल मिश्रा (JMS), श्री मुरारी तांती (DCKS), श्री अर्जुन सिंह (KIMP) तथा श्री हरि प्रसाद पप्पू ने अपनी सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ सीएमडी, निदेशकगण एवं सीसीसी बोर्ड के सभी माननीय सदस्यों के औपचारिक स्वागत, राष्ट्रगीत तथा कोल इंडिया कॉरपोरेट गीत के साथ हुआ। स्वागत संबोधन प्रस्तुत करते हुए निदेशक (वित्त/मानव संसाधन) श्री राजेश कुमार ने केंद्रीय सलाहकार समिति की बैठक के उद्देश्य, महत्व तथा कंपनी के औद्योगिक विकास एवं कर्मचारी हितों के संदर्भ में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधियों के बीच सार्थक संवाद एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिससे कंपनी की कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार, बेहतर समन्वय तथा सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा मिलता है।
बैठक में सर्वप्रथम पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से कंपनी के प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों एवं विभिन्न महत्वपूर्ण मापदंडों की विस्तृत जानकारी साझा की गई तथा कंपनी के भौतिक प्रदर्शन, आगामी पैच एवं परियोजनाओं, वॉशरियों के प्रदर्शन एवं निर्माण की स्थिति, क्षेत्र/वॉशरी-वार वित्तीय प्रदर्शन, अवैध खनन एवं कोयला चोरी के विरुद्ध कार्रवाई, सुरक्षा, झरिया मास्टर प्लान, कोयले की गुणवत्ता सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
अपने संबोधन में सीएमडी श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि केंद्रीय सलाहकार समिति की बैठक कर्मचारी हितों, औद्योगिक संबंधों को सुदृढ़ करने तथा कंपनी की प्रगति के लिए प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधियों के बीच सार्थक संवाद का एक प्रभावी मंच है। उन्होंने कहा कि कंपनी की निरंतर प्रगति के लिए आवश्यक है कि सभी पक्ष एक साझा उद्देश्य के साथ कार्य करें और व्यावहारिक चुनौतियों का समाधान संवाद एवं आपसी सहयोग के माध्यम से किया जाए।
उन्होंने कहा कि कंपनी सभी परिचालन सूचकांकों पर सकारात्मक एवं दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रही है तथा मेगा माइंस, नई परियोजनाओं, वॉशरी उत्पादन, कोयले की गुणवत्ता, लागत नियंत्रण, तकनीकी नवाचार एवं संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ समग्र प्रगति की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में लगातार प्रयासों के फलस्वरूप वॉशरी फीड और वॉश्ड कोल उत्पादन में वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही कोयले की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिसमें उत्तरोतर वृद्धि जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता नियंत्रण की प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा, ताकि ग्राहकों की अपेक्षाओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने अवैध खनन एवं कोयला चोरी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान को और प्रभावी बनाने तथा सुरक्षा के प्रति किसी भी स्तर पर समझौता न करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित कार्यस्थल, बेहतर औद्योगिक संबंध और कर्मचारियों का कल्याण कंपनी की दीर्घकालिक सफलता के महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंनें कहा कि कंपनी के पास उपलब्ध मानव संसाधन, मशीनरी एवं अन्य परिसंपत्तियों का अधिकतम एवं विवेकपूर्ण उपयोग करते हुए परिचालन लागत को नियंत्रित करना समय की आवश्यकता है। साथ ही, परियोजनाओं की उचित निगरानी, समयबद्ध क्रियान्वयन और उत्तरदायित्व की स्पष्ट व्यवस्था के माध्यम से कार्यों की गति को और बेहतर किया जा सकता है।
बैठक के दौरान सीसीसी सदस्यों ने बीसीसीएल द्वारा किए जा रहे विभिन्न सुधारात्मक प्रयासों की सराहना की तथा कंपनी की कार्यप्रणाली एवं कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा की। कंपनी की लाभप्रदता बढ़ाने के लिए लागत अनुकूलन एवं लागत नियंत्रण, मशीनों का अधिकतम उपयोग, मैनपावर का युक्तिसंगत उपयोग, स्टाफ रैशनलाइजेशन, परियोजनाओं की उचित निगरानी, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा तथा रविवार की ड्यूटी का समुचित एवं आवश्यक वितरण जैसे विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इन विषयों पर सीसीसी सदस्यों ने अपनी सहमति एवं सुझाव व्यक्त किए।
सीसीसी सदस्यों द्वारा अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में अनावश्यक विलंब, आउटसोर्सिंग कंपनियों द्वारा श्रमिकों के पीएफ, पेंशन एवं अन्य वैधानिक सुविधाओं के भुगतान सहित विभिन्न कर्मचारी हित से जुड़े मुद्दे भी बैठक में उठाए गए। इन विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा CMD द्वारा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक का समापन महाप्रबंधक (औद्योगिक संबंध/ सीएसआर) द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।



































































