कोयला भवन मुख्यालय, बीसीसीएल में आज Adoption of Electric Vehicles (EVs) in Mining Activities (खनन गतिविधियों में इलेक्ट्रिक वाहनों [EVs] को अपनाना) विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला-सह-सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कंपनी में खनन गतिविधियों में सतत एवं ऊर्जा-अनुकूल मोबिलिटी समाधानों की संभावनाओं का अध्ययन तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के अपनाने एवं कार्यान्वयन की व्यवहारिक दिशा पर विचार-विमर्श करना था।
कार्यक्रम में कोयला भवन मुख्यालय के सीएमसी विभाग के विभागाध्यक्ष श्री बिक्रम कुमार, महाप्रबंधक (उत्खनन) श्री आर.के. सिन्हा एवं महाप्रबंधक (विद्युत् एवं यांत्रिकी) श्री आर.के. कर्ण सहित अन्य अधिकारियों के साथ बीसीसीएल में कार्यरत संविदादाताओं R.A. Mining, STG Associate, Hilltop Hirise, BLA Infra, Ambey Mining Pvt. Ltd. एवं अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा अग्रणी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं BEML, Propel India, L&T, Montra Electric, Volvo, MACO एवं विभिन्न अन्य कंपनियों के प्रतिनिधियों ने ऑफलाइन एवं ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की।
इस दौरान बीसीसीएल की ओर से खनन गतिविधियों में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की आवश्यकता, उद्देश्यों एवं प्रस्तावित कार्यान्वयन दृष्टिकोण पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसमें इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के माध्यम से खनन संचालन को अधिक स्वच्छ, ऊर्जा-कुशल एवं सतत बनाने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया।
अग्रणी ईवी निर्माताओं के प्रतिनिधियों ने अपनी नवीनतम इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकियों, उत्पादों, चार्जिंग समाधानों तथा खनन एवं संबद्ध गतिविधियों में उसकी संभावित उपयोगिता पर अपनी प्रस्तुति दी। बीसीसीएल अधिकारियों, कॉन्ट्रैक्टर्स/संविदादाताओं एवं निर्माताओं के प्रतिनिधियों के बीच तकनीकी संवाद एवं विचार-विमर्श हुआ, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों की उपयुक्तता, सुरक्षा, चार्जिंग व्यवस्था तथा आर्थिक व्यवहार्यता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई।
कार्यशाला बीसीसीएल एवं उद्योग जगत के हितधारकों को तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान तथा खनन गतिविधियों में इलेक्ट्रिक वाहनों के व्यावहारिक, सुरक्षित एवं आर्थिक रूप से व्यवहार्य उपयोग की संभावनाओं पर विचार करने के लिए एक साझा मंच रहा।
कार्यक्रम कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के निर्देशानुसार बीसीसीएल के कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट सेल (सीएमसी) द्वारा आयोजित किया गया। यह पहल खनन संचालन में तकनीकी उन्नयन तथा सतत एवं ऊर्जा-कुशल समाधानों को अपनाने के लिए बीसीसीएल के सतत प्रयासों का हिस्सा रहा।



































































